EPISODE · Feb 12, 2024 · 1 MIN
Log Kehte Hain | Mamta Kalia
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
लोग कहते है | ममता कालियालोग कहते हैंमैं अपना ग़ुस्सा कम करूँसमझदार औरतों की तरह सहूँ और चुप रहूँ।ग़ुस्सा कैसे कम किया जाता है?क्या यह चाट के ऊपर पड़ने वाला मसाला हैयारेडियो का बटन?जिसे कभी भी कर दो ज़्यादा या कम।यह तो मेरे अन्दर की आग है।एक खौलता कढ़ाह, मेरा दिमाग़ है।मैं एक दहका हुआ कोयलाजिस पर जिन्होंने ईंधन डाला हैऔर तेल,फिर हवा भी की है,उन्होंने ही उँगली ठोढ़ी पर टिकाचकित होने का चोचला भी किया है।वे अच्छी तरह जानते हैंकब, क्यों और कैसेऔरत एक अग्निकाण्ड बन जाती हैलेकिन खेलकूद के नाम परअब उन्हें यही क्रीड़ा भाती है।
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