Love in the rain
from DHADKANE MERI SUN Hosted by Dr. Rajnish Kaushik
भीगे लम्हों के इश्क़ का, बस इतना सा फ़साना है l मिलन लाज़िमी है दीवानों का,, मौसम तो एक बहाना है ll ...ये उन दिनों की बात है, जब बादलों की चादर ओढ़कर दिन रात यूं ही गुजर रहे थे, फिर हुआ यूं कि एक दिन एक शाम ऐसी भी आयी...जब मैं और वो यानि..... भीगे भीगे दो मन - दो बदन बदन की वो अगन जिंदगी की हर उलझन से दूर जवानी में चूर बारिश की मस्ती में मगन सावन की वो पहली बारिश बूँदों की वो मदभरी चुभन होश खो चुके थे दो यौवन जब गिर रहा था आसमाँ से रिमझिम....वो सावन...
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