PODCAST · society
DHADKANE MERI SUN
by Dr. Rajnish Kaushik
Self composed various aspects of love, various feelings, sensations and colors of love with enchanting and melodious words of Hindi and Urdu language have been presented in a very poetic manner in every episode of this podcast . All the episodes of this podcast are solemnly dedicated to all the lovers just as the cycle of love never ends in the same way these love lyrics episode will move on, move on and move...
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TERA - MERA HAI PYAAR AMAR
तू वो ग़ज़ल है मेरी जिसमें तेरा होना तय है तू वो नज्म है मेरी जिसमें आज भी तेरी मौजूदगी तय है इसलिये नहीं... कि... तू मेरी दस्तरस में है बल्कि इसलिये...कि... तू आज भी मेरी नस - नस में है इसलिए हो चाहे ये कितना ही लंबा सफ़र ना थकेगा ना रुकेगा ये कारवाँ ना छूटेगी ये डगर क्यों कि... तेरा मेरा है प्यार अमर.....।
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TERA - MERA HAI PYAAR AMAR
तू वो ग़ज़ल है मेरी जिसमें तेरा होना तय है तू वो नज्म है मेरी जिसमें आज भी तेरी मौजूदगी तय है इसलिये नहीं... कि... तू मेरी दस्तरस में है बल्कि इसलिये...कि... तू आज भी मेरी नस - नस में है इसलिए हो चाहे ये कितना ही लंबा सफ़र ना थकेगा ना रुकेगा ये कारवाँ ना छूटेगी ये डगर क्यों कि... तेरा मेरा है प्यार अमर.....।
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Love in the rain
भीगे लम्हों के इश्क़ का, बस इतना सा फ़साना है l मिलन लाज़िमी है दीवानों का,, मौसम तो एक बहाना है ll ...ये उन दिनों की बात है, जब बादलों की चादर ओढ़कर दिन रात यूं ही गुजर रहे थे, फिर हुआ यूं कि एक दिन एक शाम ऐसी भी आयी...जब मैं और वो यानि..... भीगे भीगे दो मन - दो बदन बदन की वो अगन जिंदगी की हर उलझन से दूर जवानी में चूर बारिश की मस्ती में मगन सावन की वो पहली बारिश बूँदों की वो मदभरी चुभन होश खो चुके थे दो यौवन जब गिर रहा था आसमाँ से रिमझिम....वो सावन...
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158
Ek Ajnabi Haseena Se
वो गुजरा हुआ वक़्त, और वो.... वो जब तन्हाइयों में मेरी, मेरा हमसफ़र हो गई कुछ दूर ही सही-मेरे साथ हो गयी तब, वीरानियां जिंदगी की महफ़िलों में तब्दील हो गयीं कुछ पल के लिये ही सही मैं उसमें और वो मुझमें खो गई ज़िस्म-ओ-जाॅ की सब जंजीरें टूटने को बेताब हो गयीं जब...एक अजनबी हसीना से यूँ ही मुलाक़ात हो गई....
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157
वो दिल कहाँ से लाऊं
वो तरकीब कहाँ से लाऊं जो अतीत को हमारे मेरे दिल से मिटा दे वो मरहम कहाँ से लाऊं जो रिसते हुए ज़ख्मों को सुखा दे वो दिल कहाँ से लाऊं तेरी याद जो मिटा दे
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156
Agar Toofan Nahi Aata
हम होते हमनवां - हम होते हम नशीं हम होते हमराज हमारे - अगर तूफ़ाँ नहीं आता...
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155
Kashtiyaan Pyaar ki
राहों में ही बिखर गयीं , खुशियाँ हमारे प्यार की छूकर ही ठहर गई , जिंदगी हमारे प्यार की हंसते हंसते रो पड़ी , दिलकशी मेरे प्यार की तन्हाइयों में खो गई , तिश्नगी मेरे प्यार की जीत कर भी जो हार जाये , ऐसी रंजिशें हैं मुझसे मेरे यार की मंजिलों पे ही आके लुटते हैं कारवाँ दिलों के कश्तियाँ साहिल पे अक्सर डूबती हैं प्यार की
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154
Khwabon ka karvan
Meri aankho me tairte hain Vo sare Khwab aaj bhi Jo dekhe the haseen vakt ki panah me hamne Socha tha ki nadi ki do dhar hain ham door tk bahenge Mil kr sagar me bhi sang hi rahenge Magar sakhat vakt aur kudrat k ek prahar ne pahle dard diya fir juda kiya fir jivan ka naksh hi badal diya Pal do pal sath chal hamara hr khwab kuchal diya.. ...aur fir.....ek yahan rah gaya-ek vahan chal diya...
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Tu hi meri shab hai
तू है तो रब है रब है तो सब है सब है तो शब् है और...जब तू ही मेरी शब् है तो महफ़िल-ए-जिंदगानी में सब है.....ll
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Haseen Gustakhiyan
कहते हैं कि... वो याद आये तो नींद नहीं आती और आ जाये तो सारे ख्वाब उसके मगर....ख्वाबों में फिर वही ख्वाब, वही दीवानगी, वही गुस्ताख़ियां हसीन.... जो सोने नहीं देतीं कमबख्त रोने भी नहीं देतीं...
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Saiyaara Once Again
मैं ... एक सितारा ढूंढ रहा हूँ दिल से यारा ढूंढ रहा हूँ जो खो गया है कहीं बदलते मौसमों की धुंध में दुनियादारी के झुंड में मतलबी अपनों में झूठे सपनों में दिखावटी मंजर में सख्त वक़्त के समंदर में जो खो गया है कहीं... अपना वो यारा ढूंढ रहा हूँ एक सितारा ढूंढ रहा हूँ दिल से यारा ढूंढ रहा हूँ वो यारा... जो भूला नहीं है कुछ भी...लेकिन मौसम सुहाने बदल गये हैं कहीं भटक गई है मेरी मोहब्बत पर बदला नहीं है मेरा यारा......सैय्यारा
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Those Moments (Listener Favorite)
Some moments in life quietly pass by… yet they stay with us forever.
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Lut Gaye Teri Mohabbat Mein
चाहतें देख कर लगता था कि बिछुड़ोगी ही नहीं कभी..... मीठे लफ्ज जब घुलते थे कानो में तो लगता था कि कड़वा बोलोगी ही नहीं कभी... मुस्कुराहटो के आलम तो क्या पूछो...इतने दिलनशी थे...लगता था कि जैसे रूठोगी ही नहीं कभी... मगर... ऐसी लगी नज़र... कि...कोई ताल्लुक ही ना रहा... और अब लगता है कि...उजड़े हैं ऐसे...कि जैसे फिर से बसेंगे भी नहीं कभी... तेरे इश्क़ के हाथों तबाह हुए हैं इस तरहा...के लगता है कि अब जुड़ेंगे भी नहीं कभी... मगर तुम्हारी याद बहुत आती है ....याद रखना... वह अलग बात है....कि मेरे दिल के सारे अरमाँ लुट गये...हिफाज़त करते करते तुम्हारी...हम खुद भी... ...लुट गये....
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Rangreza (Holi Special)
रंगरेज मेरे तेरी बाहों में जब अगन लगे मेरे अंग अंग में बदमाश इशारे होते हैं होते हैं रंगीं ख्वाब सभी हम यार तुम्हारे होते हैं रंगरेज मेरे..... रंगरेज मेरे तेरे हाथों से जब रंग लगे मेरे गालों पे मस्ती के नजारे होते हैं होते हैं रंगीं ख्वाब सभी हम यार तुम्हारे होते हैं.......l
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147
O...jaan - e - jana
कभी मिलो… तो दिखाऊँ तुम्हें, बताऊँ तुम्हें, और… जताऊँ भी तुम्हें कि… तू ज़िंदगी है… तू ही ज़रूरत है… साँस जब तक… तुम्हें मोहब्बत करूँगा, ज़ाना… ओ जाने जाना…
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Main Tera Hoon | Valentine's Special
मोहब्बत खुदा है प्रेम ईश्वर है Love is GOD..... GOD....जिसे छुआ नहीं जा सकता, पर सच्ची प्रार्थनाओं से पाया ज़रूर जा सकता है...इसलिए रिश्ता ये तेरा मेरा... इस दुनिया के इतर उस दुनिया में भी रहता है , जहाँ प्रेम निश्छल निर्मल गंगा की तरहा बहता है l रिश्ता ये तेरा मेरा, समंदर सा अथाह गहरा, जिसमें घूम गया मैं, झूम गया मैं.... संभालना मेरे बस में नहीं अब डूब गया मैं... संभलने की तमन्ना भी नहीं कोई... क्यों कि, तेरे सिवा और है ही क्या मेरे पास एक नाम तेरा - एक तेरा अहसास काश... इस valentine रहे...तू मेरे पास क्यों कि... मैं तेरा था...मैं तेरा हूँ...मैं तेरा ही रहूँगा...।
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Tera vada
तूने कहा था..... रस्मों में तू रिवाजों में तू तू ही कसम इरादों में तू धड़कन धड़कन साँसे भी तेरी ....फिर भी भुला दिया तूने रुला दिया तूने वफाओं का ये कैसा सिला दिया तूने...... जबकि...तूने कहा था...कि... .....कुछ भी नहीं पूरा बिन तेरे बिन तेरे जीवन मेरा आधा बेशक, मैं थोड़ी सी तुझमे पर ,मुझमें तू "रब" से भी ज्यादा .....फिर क्या हुआ तेरा वादा...
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Tujhe bhulna to chaha
सिखाया वक़्त ने जीना सब्र और गम को भी पीना मगर जहाँ भी जिक्र तेरा आया वहां हम सब लुटा आये तुझे भूलना तो चाहा लेकिन भुला ना पाए...
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first love at first sight
मेहरबां हुआ वक़्त और हसरतें भी लम्हा लम्हा चाहतों में टूटी सरहदें भी रतजगों में बीती ना जाने कितनी रातें दिन के उजालों में बेहिसाब बातेँ बातेँ करार की और इक़रार की पहली नजर के पहले प्यार की....
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silsila pyaar ka (New Year's special)
क्या हुआ जो इस बरस भी आरजू ए मोहब्बत पूरी ना हो सकी .... क्या हुआ जो दरमियाँ उसके और तुम्हारे खत्म दूरी ना हो सकी ... इश्क़ तो है ना तुम्हें उससे और उम्मीदे वफा भी... इसलिए सब्र करो वो दौर भी आयेगा... जब होगा मेहरबां वक़्त भी और महबूब भी दौड़ा चला आयेगा... इसलिए ना हो उदास, ना डूबो गम के अँधेरों में... ये मिजाज ए हुस्न है पल पल बदलता रहेगा, ये सिलसिला है प्यार का चलता रहेगा....
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Teri marzi
वो लम्हे जो दर्द थे तेरा वो लम्हे जो फर्ज थे मेरा निभाये जो आँसुओं की धार में वो लम्हे जो मुझपे कर्ज़ थे तेरा.... मगर कह के एहसां , जता दिया तूने अपनों की फ़ेहरिस्त से हटा दिया तूने हुस्न और इश्क़ की जद्दोजहद में मैं गैर हूँ तल्ख लहजे में बता दिया तूने... फिर भी मैं दहकता रहा उसी आग में गाता रहा तुझी को ग़मों के साज़ में घुटता रहा- मरता रहा- रहा फिर भी जिंदा पुकारता ही रहा दिल की हर आवाज में मगर तूने नहीं समझी मेरी चाहत मेरी मर्जी गुरूर ए हुस्न में अपने सुनी ना दिल की एक अर्जी तेरी मर्जी...तेरी मर्जी...तेरी मर्ज़ी
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Tumhara Intezar
कहते हैं कि वक़्त आदतन चीजों को संयमित कर देता है , मगर इंतजार...जो प्यार में होता है किसी का, वह अपनी जगह ढीठ बना रहता है, शून्य और अनंत के बीच फैले रिक्त स्थानो में...यह सोच कर कि तुम आओगी और पढ़़ोगी मेरी आँखों में लिखी वो सारी प्रार्थनाएं, जो ईश्वर से करता रहता हूँ मौन की डोर पकड़ कर...इस ख्याल से भी कि किसी तरह दिल बहल जाये, इन्तज़ार के पल ढल जायें, करार रातों के बेक़रारी में बदल जायें, जादू प्रेम का मेरे तुम्हारे ना आने की जिद पे कुछ यूँ चल जाये..कि ना चाह कर भी तुम पुकार लो मुझे...कि तुम ही से प्यार है...तुम्हारा इंतजार है....
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Mai aur meri tanhai
तेरी यादों में जलकर ये अहसास हुआ कि आग हो या प्यास...पानी से नहीं बुझती.... इसलिए ...मैं और मेरी तन्हाई...अक्सर ये बातेँ करते हैं कि... तुम होतीं ... तो कभी आँखों से पीते, कभी लबों से पीते... पैमाने मोहब्बतों वाले... हर ज़ाम में तेरी प्यास होती, हर घूंट में तेरी खुशबू हम घूंट- घूंट पीते पैमाने... मोहब्बतों वाले..... तुम होतीं... तो हर रात ये चांद भी मुस्कुराता, हम पे चाँदनी लुटाता हर सुबह होता जिक्र हर गुज़री रात का हर जज्ब हममे ढल जाता... तुम होतीं..तो हवाएं भी हंसती फिज़ायें कदमों की आहट से बजतीं हर मौसम तुम्हारे इशारों पे ठहर जाता और आलम-ए- तन्हाई मुक्कमल हो जाता तुम होतीं..तो मेरे मन के सागर में ना जाने कितनी रंगीनियाँ होतीं... जीवन में सिर्फ़ रोशनियां होतीं... लबों पे सिर्फ़ प्यार ही प्यार होता नयनों में सरगोशियां होतीं.. तुम होतीं...तो मेरे शब्दों को अर्थ मिल गये होते मुरझाए गुल भी खिल गये होते... ...मैं और मेरी तन्हाई..अक्सर ऐसी ही बातेँ करते हैं.. ...दिन हो या रात...तुम्हारी ही राह तकते हैं...
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Gum hai kisi ke pyar mein
सुनो...लौट आओगी क्या पुनः मिलकर वही कहानी दोहराओगी क्या पुनः वैसी ही हसीन शामों में प्यार के वैसे ही नगमें गुनगुनाओगी क्या पुनः लहरा के आंचल वो मोहब्बतों वाले फैलाके दामन वो शिद्दतों वाले रातों में नींद से जगाओगी क्या पुनः जानती हो... ये आंखे तरसती हैं आज भी तुम्हारे ही इंतजार में ये दिल ये पागल दिल मेरा आज भी गुम है तुम्हारे ही प्यार में...
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ISHQ : ek kashish - ek khalish
Tu hi subaha thi, tu hi shaam thi har raat k hr lamhe ka armaan thi aati jati hr saans me teri aahten thi do pal ki baaton me badi raahten thi teri dil nawaji ka mujhe bada guman tha Jism tha, aag thi, hr chhuan me ek dhuaan tha Ishq k mausam me Ishq jawaan tha Vo subha vo shaam...raaton k vo haseen armaan Vo husn murtaza vo lafz bejubaan Vo chhuan vo dhuan vo kashish vo tapish... tumhe haasil na kr pane vo khalish aaj bhi yaad hai mujhe...
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Tumhare jane ke bad...
Tumhare jane k bad... Maine jana...ki prano k rahte hue bhi mrat ho jana.....kiya hota hai Jab chali gai tum mukt hokar iss jahan se...tab... tab maine jana ...ki jism se jaan ka chale jana...fir bhi jinda rahne ka abhinaya karna....kiya hota hai.. Yah sb maine jana... Tumhare jane k bad...
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SAIYAARA.... I love for ever - I love end ever
तू मुझमें और मैं तुझमे हूँ ख्वाब मेरा तू - मैं उसमें हूँ वादों में हूँ - इरादों में हूँ तू क्या जाने - किस किस में हूँ कब मिलेंगे - कहाँ मिलेंगे वक़्त का पहिया घूम रहा है दूर गगन में - अपनी मगन में दिल....SAIYAARA ....ढूँढ़ रहा है ...I
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The Madness of Your Betrayal
उल्फत की बातेँ जन्मों के वादे वो रस्में वो कसमें और जन्नत सी रातें कितने जवां और कितने थे पक्के पत्थर की मानिंद तेरे इरादे फिर भी तूने जुल्म ये ढाया क्यूँ बेवफा मुझे इतना रुलाया मोहब्बत थी या फिर आवारगी थी कैसी वो तेरी दीवानगी थी कैसी वो तेरी दीवानगी थी........
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Chalo ek baar fir se...
यह कोमल और चंचल मन मेरा, उससे दूर नहीं जाना चाहता, नजरों में बसा कर रखना चाहता है..बाहों के दरमियाँ ना सही..वो करीब से गुजर जाये.. बस. ऐसी अजनबी मुलाकातों में ही सही..। ना दर्द हो..ना गम हो ना बोझ हो इस दिल पर कोई राहे मोहब्बत में मुश्किलों के चलते.. गर हो छोड़ना.तो एक खूबसूरत सा मोड़ हो कोई
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Vo...Alfaz...जो तुम तक ना पहुंचे
कभी तेरे नैनों पे लिखा तो कभी नैनों के मोतियों पे लिखा कभी तेरे मासूम चेहरे पे लिखा तो कभी चेहरे की मासूमियत वाली बातों पे लिखा कभी इश्क़-ए - मिजाजी पे लिखा तेरी तो कभी इश्क़-ए-दगाबाजी पे लिखा कभी ग़ज़ल लिखी कभी गीत लिखा तो कभी खत-ए-मोहब्बत लिखा
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tumhe...barish bada yaad karti hain
Janti ho.... Tumhare bagair mausam ki fizayen bhi Garjate badal - Barishen aur...purva hawayen bhi Mera sath dene se darti hain Aa jao ab to janam Ye...BARISHEN ... tumhe bada yaad karti hain....
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I MISS YOU AND THOSE MOMENTS
Kitna hi suhana mausam kiyoon na ho ... Thandi hawaon ke jhonke hi kiyoon na ho.... Jhilmil sitaron se bhara aasman hi kiyoon na ho... Ya fir kiyoon na ho rimjhim barishon ki jhadi hi... Tab Kuchh bhi mahsoos nhi hota mujhe Sivay iske ki vo sab tapte registan ki manind jalate rahte hain mujhe...bhitar tk... Kiyoon ki..na sambhalta hai ye mn...aur na hi bahlta hi hai yah kabhi... DILBAR TERI YAAD ME DIL TADAPTA HAI ABHI ....
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Desire of love
माना कि... जो मैंने किया वह प्रेम भी था और लगाव भी... मगर जो उसने किया वह स्वार्थ ही था और जो दिया वह घाव ही... घाव देते वक़्त उसने तनिक भी ना सोचा कि क्या होगा मेरा जो अपने मन के मंदिर में पूजता है उसे प्रेम की देवी...मोहब्बत का देवता बना कर...और क्या गुज़रेगी मेरे उस मन पर जब गुजर जायेगा करीब से वो आंखे चुरा कर...
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One Sided Love
मेरी सांसों में रहती है मगर आँखों से बहती है मैं तुझ बिन जी नहीं सकता धड़कने मेरी कहती हैं जो मिल जायेंगे मैं और तुम ज़मी जन्नत बनाऊंगा अमीरी हो या फकीरी हो सभी नखरे उठाऊंगा ज़माने भर की हर रौनक तेरे कदमो में लगाऊंगा कहेंगे लोग पागल जो गुज़र हद से भी जाऊँगा मरे सीने से लग के बस इतना सा ही कह दे तू मैं तेरी हूँ मै तेरी हूँ मैं तेरी हूँ..........
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Masoom Tujhe Mai Kyon Kahta Tha
Masoomiyat ka haseen nazara thi voh, matlab har lafz me adakari -sahajta aur saralta wali yoon to haasil karne ki zid thi hume, chahte to paa sakte the use magar... pyaar kya hota hai usi ki masoom nigaho se seekha tha humne shaayad isiliye usko jaane diya uski khushi ke liye aur mohabbat ki had se guzarne lage hum, ishq karne lage hum, masoom kehne lage hum-masoom kehne lage hum...
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Aawara Kah Diya Tune
ना शाखों ने जगहा दी...ना हवाओं ने बख्शा वो पत्ता आवारा ना बनता तो क्या करता...l
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That Innocent Love
अब लफ्जों में हैं उसके खामोशियां अब रही ना वो पहले सी नजदीकियां आती नहीं मुझको अब हिचकियाँ जाती नहीं मन से क्यूं सिसकियाँ याद आती हैं उसकी वो सरगोशियां कहता था उसको मैं "मासूम" तब उसकी मासूमियत ये क्या हो गया वो जो मुझसे मिला मेरी जां हो गया मोहब्बत भरी दास्ताँ हो गया संग मेरे चला अंग भी वो लगा रफ्ता रफ़्ता मेरी जाने जां हो गया वो मासूम इश्क़ वो मासूम इश्क़ वो मासूम इश्क़
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PAIMANE TERI AANKHON SE... JO PIYE THE MAINE
Some silences are louder than screams. Some eyes, deeper than oceans. This episode is not just a story — it's a surrender. Of a heart that once loved without holding back, Of a soul that drank pain like wine — quietly, completely. "PAIMANE TERI AANKHON SE..." is for those who've ever looked into someone's eyes and forgotten how to breathe. For those who've walked away carrying the weight of someone else's goodbye. Tune in — not just to listen, but to feel. तू गुजर गई करीब से मेरा मयार छोड़ कर मैं डूब गया साकिया मोहब्बत में तेरी तेरा प्यार ओढ़कर ग़ज़ब का इश्क़ है मेरा धड़कनो से तू जाती ही नहीं कहीं तुझे क्या मालूम तेरे सारे दर्द मेरे हिस्से लिए थे मैंने पैमाने तेरी आँखों से जो पिये थे मैने कितने लम्हे रहगुज़र में तेरी जिये थे मैंने पैमाने तेरी आँखों से जो पिये थे मैंने...
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TU HI THI...
तू कहती थी तेरी ही हूँ मैं तू कहती थी तेरी रहूंगी बगावत भी कर लूँगी जग से तेरी होने को सब कुछ सहूंगी समंदर की तरहा तू रहना मैं नदिया सी संग संग बहूँगी दर्द तूने दिया मर मिटा मैं लोग कहते हैं तू बेगुनाह थी आखिरी सांस तक तुझको चाहूँ तू क्या जाने तू मेरा खुदा थी बेपनाह इश्क़ करता था तुझसे मेरे जीने की तू ही वज़ह थी
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TERA NASHA...
मेरे इश्क़ का तू दरिया सागर मैं चाहतों का चाहें आये तूफ़ाँ कितने तेरा प्यार राहतों सा तू ही ज़ख्म तू ही मरहम तू ही दर्द की दवा है सासों में तेरी खुशबू आँखों में तू बसा है कहती है दुनिया सारी मुझे तेरा ही नशा है मुझे तेरा ही नशा है,
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TUJHE CHOONE KO DIL KARE
तुम जो धड़कती थी सीने में जिंदगी बनकर.....मेरे ज़िस्म मेरे शरीर में मेरी रूह बनकर.....मेरे दिल के हर हिस्से में दौड़ते रक्त प्रवाह की मानिंद..... कहीं तुम्हें कोई दर्द ना हो मेरी वज़ह से तुम्हें कोई आघात ना हो...मेरे प्रेम की निरंतरता उसकी एकाग्रता भंग ना हो नीरसता का एक अंश भी घर ना कर पाए हमारे प्रेम के अहसासों में.... शायद इसीलिए......तुम्हारी वह मोहब्बत जो अक्सर मुझसे छुअन मांगती थी मैंने तुम्हारे मोह का त्याग कर दिया.....क्योंकि.... वह चंचल मन मेरा बार बार तुमसे कहता था...... ...तुझे छूने को दिल करे........
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VO...HUSN -E- YAARA MERA
ना अता ना पता ना खबर बड़ी मुद्दत हुई ना हुई कोई मुलाक़ात ना ही मुहब्बत हुई बड़ी बड़ी बातेँ वादे इरादे शायद भूल गया है वो ऐसी कैसी मुहब्बत में उसकी शिद्दत हुई माना के वो थोड़ा मगरूर था हुस्न ए जवानी पे अपनी...... पर बंदिश ए दुनिया में रहेगा इतना बेदम नहीं था वो हुस्न ए यारा मेरा किसी कातिलाना शबाब से कम नहीं था..... नशा इस कदर शामिल था उसकी अदाओं में कमबख्त किसी भी शराब से कम नहीं था जो लगा दे आग पानी में ...ऐसे किसी आफताब से भी कम नहीं था.... वो हुस्न ए यारा मेरा वो हुस्न ए यारा मेरा ....
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Dhadkane Meri Sun - Ek Naya Safar, Ek Naye Andaaz Ke Saath | Season 4 Trailer
My dear friends... मोहब्बत के जिन सिलसिलो से आप अभी तक रुबरु थे... एक बार फिर पेश-ए-खिदमत हूँ मोहब्बत के वैसे ही अफ़सानों के साथ... मगर एक नये अंदाज के साथ... यानि... आपके पसंदीदा शो Dhadkane Meri Sun का Season 4... जिसका पहला एपिसोड बहुत जल्द आपकी नज़र....। 💖 Let your heart beat to the rhythm of love once again… because some stories never fade, they just find new ways to touch your soul. 💖
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ADHURI MULAKAT...hui thi jinse
शायद ही कभी भूल पाउंगा ..वह अधूरी मुलाक़ात-अधूरे ख्वाब... शायद रह जाएंगी मेरी आँखों में ...मेरी ही तन्हाईयां... रोयेंगे हर मौसम...सूरज चांद सितारे सब... वो देखेंगे जब... मेरे पानी के दोनों घरों में तुम्हारी ही परछाइयाँ... शायद रह जाएंगी मेरी आँखों में...मेरी ही तन्हाईयां.. क्यों कि हमारा मिलन तो तय था ... मगर बिछुड़ना तय नहीं था... इसलिए फिर से मुलाक़ात का कोई सवाल ही नहीं था.. मगर हो गई अब वह भी तय. .इसलिए हमे मिलना होगा अब अगले जनम... ये ज़रूरी है तुम आती रहना ख्वाबों ख्यालों में... ये मुलाक़ात तो वाक़ई अधूरी है
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LUT GAYE...teri mohabbat mein
चाहतें देख कर लगता था कि बिछुड़ोगी ही नहीं कभी..... मीठे लफ्ज जब घुलते थे कानो में तो लगता था कि कड़वा बोलोगी ही नहीं कभी... मुस्कुराहटो के आलम तो क्या पूछो...इतने दिलनशी थे...लगता था कि जैसे रूठोगी ही नहीं कभी... मगर... ऐसी लगी नज़र... कि...कोई ताल्लुक ही ना रहा... और अब लगता है कि...उजड़े हैं ऐसे...कि जैसे फिर से बसेंगे भी नहीं कभी... तेरे इश्क़ के हाथों तबाह हुए हैं इस तरहा...के लगता है कि अब जुड़ेंगे भी नहीं कभी... मगर तुम्हारी याद बहुत आती है ....याद रखना... वह अलग बात है....कि मेरे दिल के सारे अरमाँ लुट गये...हिफाज़त करते करते तुम्हारी...हम खुद भी... ...लुट गये.... l
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AAKHIRI KHAT ( the last message )
क्या क्या गुज़री थी मुझपे जब तुमने मुझको ठुकराया था ऐसे ही दिन दिखलाने को बरसों दिल बहलाया था राख में ख़ाक हुआ था मैं जब खत तुमने मेरा जलाया था वह खत जो दिल था मेरा जिसमें हर लफ्ज मोहब्बत लिखा था मैने इश्क़ ही इश्क़ लिखा था मैने जो खूं से नाम लिखा था मैने जो नाम तुम्हारा लिखा था मैने आखिरी खत था वह मेरा जिसको तुमने जला दिया था फिर धुएं में उसको उड़ा दिया था ....धुएं में उसको उड़ा दिया था....l
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YE.....ISHQ MOHABBAT PYAAR WAFA....!
My Dear Listeners, As you already know, Dhadkane Meri Sun has become the closest companion to your journey of love. Love doesn't wait for a special day—it flows freely, beyond time and moments. And yet, when those heartfelt emotions are celebrated on a special occasion, life feels even more poetic, even more magical. Yes, you guessed it right—Valentine's Day! That's why, breaking tradition just a little, this week's episode arrives a day early—because your emotions deserve to be felt in their most raw and unfiltered form. So, immerse yourself in the essence of love, passion, and devotion with… "Ye… Ishq Mohabbat Pyaar Wafa…!" Let your heart beat a little louder. Let your soul embrace the rhythm of love. Happy Valentine's Day, my dear listeners! ❤️ राहे मोहब्बत में फूलों को बिछाने वाले...दिलों को न्यौछावर करने वाले खुद मिट जाते हैं मगर अपनी मोहब्बत को सहेज कर रखते हैं...वो नहीं करते परवाह किसी ताज-ओ-तख्त की...वो नहीं करते फ़िक्र ज़माने के लहजा-ए-सख्त की....वो तो बस करते हैं और करते ही रहते हैं...दरिया दिल ज़माने की अमीरी में भी ....गर हो जाये दुश्मन वही ज़माना आपकी मोहब्बत का..तो झोली फैला कर मोहब्बत की सलामती मांगने की फकीरी में भी...क्योंकि वे जान चुके होते हैं कि ये जो दुनिया है ना...ये दुनिया चाहे कितनी ही ज़ालिम क्यों न हो जाये...मोहब्बत के पैमाने भले ही ख़ज़ाने क्यों न हो जाए...आखिरकार ये दुनिया...चलती तो मोहब्बत से ही है...इसीलिए तो कहता हूं दोस्तों...कि.. ....ये...इश्क़ मोहब्बत प्यार वफा ..........होते हैं होते रहेंगे सदा.......l
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TERI DHADKAN - TERI SAASEN ( valentine week Special )
तेरी धड़कन तेरी सासें मुझे कितना सताती हैं तेरी खुशबू तेरी बातेँ तेरे ही पास बुलाती हैं ....तेरी धड़कन तेरी सासें...l
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JHOOTHI THI VO
शक था मुझे उसके अंदाज-ए-मोहब्बत पे और यक़ीन भी नहीं था उसके वादा-ए-मोहब्बत पे फ़िर भी उसकी मासूमियत से इश्क़ करता था मैं झूठी थी वो और दग़ाबाज़ भी फिर भी उसकी अदाओं पे मरता था मैं अगर चाहता तो बर्बाद कर देता मगर उसकी बदनामीयों से डरता था मैं टूट गईं जब सारी कसमें और उम्मीदें भी हर वक़्त उस ख़ुदा से लड़ता था मैं झूठी थी वो और दग़ाबाज़ भी फिर भी उसकी अदाओं पे मरता था मैं क्यूं कि उसकी मासूमियत से इश्क़ करता था मैं
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CHALO... EK BAR FIR SE
यह कोमल और चंचल मन मेरा, उससे दूर नहीं जाना चाहता, नजरों में बसा कर रखना चाहता है... बाहों के दरमियाँ ना सही... वो करीब से गुजर जाये... बस.... ऐसी अजनबी मुलाकातों में ही सही...l ना दर्द हो ...ना ग़म हो ना बोझ हो इस दिल पर कोई राहे मोहब्बत में मुश्किलों के चलते... ग़र हो छोड़ना...तो एक खूबसूरत सा मोड़ हो कोई
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ABOUT THIS SHOW
Self composed various aspects of love, various feelings, sensations and colors of love with enchanting and melodious words of Hindi and Urdu language have been presented in a very poetic manner in every episode of this podcast . All the episodes of this podcast are solemnly dedicated to all the lovers just as the cycle of love never ends in the same way these love lyrics episode will move on, move on and move...
HOSTED BY
Dr. Rajnish Kaushik
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