EPISODE · Oct 31, 2024 · 1 MIN
Ma Ki Zindagi | Suman Keshari
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
माँ की ज़िन्दगी | सुमन केशरीचाँद को निहारतीकहा करती थी माँवे भी क्या दिन थेजब चाँदनी के उजास मेंजाने तो कितनी बार सीए थे मैंनेतुम्हारे पिताजी का कुर्तेकाढ़े थे रूमालअपनी सास-जिठानी की नज़रें बचा केअपने गालों की लाली छिपातीवे झट हाज़िर कर देतीसूई-धागाऔर धागा पिरोने कीबाज़ी लगातीहरदम हमारी जीत की कामना करती माँऐसे पलों में खुद बच्ची बन जातीबिटिया यह नानी की कहानी नहींइसी शहर कीयह तेरी माँ की ज़िंदगानी है...
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