EPISODE · May 31, 2025 · 1 MIN
Main Koi Kavita Likh Raha Hunga | Kailash Manhar
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
मैं कोई कविता लिख रहा हूँगा | कैलाश मनहरमैं कोई कविता लिख रहा हूँगाजबसंसद में चल रही होगी बहसकि क्यों और कितना ज़रूरी हैबचाना कानून को ?कविता से, होने वाले खतरे परचिन्तितसत्ता और प्रतिपक्ष के सांसदकानून की मज़बूती के बारे मेंसोच रहे होंगे,वातानुकूलित सदन मेंबाहर कीउमस और गर्मी से बेख़बर ।मन्दिरों में गूँज रहे होंगे शंख और घड़ियालमस्जिदों में अज़ानेंकि शैतानअब कविता की शक़्ल में आया हैचर्च मेंप्रार्थना कर रहे होंगेयीशु के हत्यारे....ऐसा ही होगा शायदकि मैं कोई कविता लिख रहा हूँगाजबतोप के मुँह पर बैठी होगीचहकती चिड़िया.....
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