EPISODE · Oct 30, 2024 · 1 MIN
Mujhe Prem Chahiye | Nilesh Raghuvanshi
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
मुझे प्रेम चाहिए | नीलेश रघुवंशी मुझे प्रेम चाहिएघनघोर बारिश-सा ।कड़कती धूप में घनी छाँव-साठिठुरती ठंड में अलाव-सा प्रेम चाहिए मुझे।उग आये पौधों और लबालब नदियों-सादूर तक पैली दूबउस पर छाई ओस की बुँदों सा ।काले बादलों में छिपा चाँदसूरज की पहली किरण-साप्रेम चाहिए ।खिला-खिला लाल गुलाब-साकुनमुनाती हँसी-साअँधेरे में टिमटिमाती रोशनी-सा प्रेम चाहिए।अनजाना अनचीन्हा अनबोला सापहली नज़र-सा प्रेम चाहिए मुझे ।ऊबड़-खाबड़ रास्तों से मंज़िल तक पहुँचाताप्रेम चाहिए मुझे।मुझे प्रेम चाहिएसारी दुनिया रहती हो जिसमेंप्रेम चाहिए मुझे ।
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