EPISODE · Jan 1, 2024 · 2 MIN
Naye Saal Ki Shubhkaamnayein | Sarveshwar Dayal Saxena
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
नए साल की शुभकामनाएँ! - सर्वेश्वरदयाल सक्सेनानए साल की शुभकामनाएँ!खेतों की मेड़ों पर धूल भरे पाँव कोकुहरे में लिपटे उस छोटे से गाँव कोनए साल की शुभकामनाएं!जाँते के गीतों को बैलों की चाल कोकरघे को कोल्हू को मछुओं के जाल कोनए साल की शुभकामनाएँ!इस पकती रोटी को बच्चों के शोर कोचौंके की गुनगुन को चूल्हे की भोर कोनए साल की शुभकामनाएँ!वीराने जंगल को तारों को रात कोठंडी दो बंदूकों में घर की बात कोनए साल की शुभकामनाएँ!इस चलती आँधी में हर बिखरे बाल कोसिगरेट की लाशों पर फूलों से ख़याल कोनए साल की शुभकामनाएँ!कोट के गुलाब और जूड़े के फूल कोहर नन्ही याद को हर छोटी भूल कोनए साल की शुभकामनाएँ!उनको जिनने चुन-चुनकर ग्रीटिंग कार्ड लिखेउनको जो अपने गमले में चुपचाप दिखेनए साल की शुभकामनाएँ!
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