EPISODE · May 20, 2024 · 2 MIN
Need Ka Nirman | Harivansh Rai Bachchan
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
नीड़ का निर्माण | हरिवंश राइ बच्चन नीड़ का निर्माण फिर-फिर,नेह का आह्वान फिर-फिर!वह उठी आँधी कि नभ मेंछा गया सहसा अँधेरा,धूलि धूसर बादलों नेभूमि को इस भाँति घेरा,रात-सा दिन हो गया, फिररात आई और काली,लग रहा था अब न होगाइस निशा का फिर सवेरा,रात के उत्पात-भय सेभीत जन-जन, भीत कण-कणकिंतु प्राची से उषा कीमोहिनी मुस्कान फिर-फिर!नीड़ का निर्माण फिर-फिर,नेह का आह्वान फिर-फिर!वह चले झोंके कि काँपेभीम कायावान भूधर,जड़ समेत उखड़-पुखड़करगिर पड़े, टूटे विटप वर,हाय, तिनकों से विनिर्मितघोंसलो पर क्या न बीती,डगमगाए जबकि कंकड़,ईंट, पत्थर के महल-घर;बोल आशा के विहंगम,किस जगह पर तू छिपा था,जो गगन पर चढ़ उठातागर्व से निज तान फिर-फिर!नीड़ का निर्माण फिर-फिर,नेह का आह्वान फिर-फिर!क्रुद्ध नभ के वज्र दंतोंमें उषा है मुसकराती,घोर गर्जनमय गगन केकंठ में खग पंक्ति गाती;एक चिड़िया चोंच में तिनकालिए जो जा रही है,वह सहज में ही पवनउंचास को नीचा दिखाती!नाश के दुख से कभीदबता नहीं निर्माण का सुखप्रलय की निस्तब्धता सेसृष्टि का नव गान फिर-फिर!नीड़ का निर्माण फिर-फिर,नेह का आह्वान फिर-फिर!
NOW PLAYING
Need Ka Nirman | Harivansh Rai Bachchan
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
May 13, 2026 ·13m
May 11, 2026 ·20m
May 6, 2026 ·18m
May 4, 2026 ·15m
May 1, 2026 ·16m