EPISODE · Apr 16, 2026 · 1 MIN
Nirvaitikta - Ek Punarvichar | Satyam Tiwari
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
निर्वैयक्तिकता: एक पुनर्विचार | सत्यम तिवारीहर ज़िम्मेदारी से भागने वालायही तर्क देता हैमहानता का पैमाना नहींइसलिए निर्वैयक्तिकता को देखोकथनी-करनी में अंतर की तरहएक आदमी बायाँ हाथ देकरदाहिने मुड़ जाता हैउसका इंडिकेटर ख़राब था कि मंशाआत्मरक्षा में आए दिन होती हैं हत्याएँअनजाने एक पत्ता भी नहीं हिलताजहाँ रात नहीं ढलतीजहाँ सूरज नहीं निकलताबिना गए ही वहाँ जा रहे हो कवि?ऐसा क्या पा लोगेइस ख़राबे से अलगउस ख़राबे में जुदाठोस भी होगा जो और उपयोगी भीअपनी कल्पना के कक्ष से बाहर निकलोदेखो कल्पवृक्ष ग़ायब हो चुका हैदेखोगे तो दिखेगा कि तुम्हारा व्रत टूट गया हैऔर दोषारोपण के लिए न असुर हैं न अप्सरा
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