EPISODE · Jan 11, 2024 · 1 MIN
Pramaan Patra | Archana Verma
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
प्रमाणपत्र - अर्चना वर्मा लक्षणों की किताब से उसनेचुन लिया एक रोग और उसे जीवन का भोग बना लियाउसके पास भी था आखिरकार दिखाने के लिए एक घाव वह उसे चाव से सहलाते हुए पालने लगाशामों का अकेलापन अब काटने नहीं दौड़ताबातचीत के लिए विषयों की कमी नहीं चिकित्सा की नवीनतम शोध से मृत्यु दर के आँकड़े तक बिकाऊ हैं उसकी दुकान मेंवे अब आते हैं अक्सर हाथों में फूल, चेहरों पर मुस्कान घण्टों बिता जाते हैंकारोबार चल निकला हैफूलों के बदले में उनको वह उनकी दया माया ममता वगैरह का प्रमाणपत्र देता है साथ ही आश्वासन सहने का धीरज, बहादुरी का खिताब वे दे जाते हैं सर माथे पर लेता हैहालाँकि वह न लड़ रहा है न सह रहा है सिर्फ उनकी दया माया ममता वगैरह के ज्वार में बह रहा है
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