EPISODE · Jul 3, 2025 · 2 MIN
Prarthna | Rachit
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
प्रार्थना | रचितईश्वर,ध्यान देना…जब खड़ा होना पड़े मुझेतो अपने अस्तित्व से ज़्यादा जगह न घेरूँ।मैं ऋग्वेद के चरवाहों की करुणा के साथ कहता हूँ—मुझे इस अनंत ब्रह्मांड मेंमेरे पेट से बड़ा खेत मत देना,हल के भार से अधिक शक्ति,बैल के आनंद से अधिक श्रम मत देना।मैं तोलस्तोय के किसान से सीख लेकर कहता हूँ :मुझे मत देना उतनी ज़मीनजो मेरे रोज़ाना के इस्तेमाल से ज़्यादा हो,हद से हद एक चारपाई जितनी जगहजिसके पास में एक मेज़-कुर्सी आ जाए।मुझे मेरे ज्ञान से ज़्यादा शब्द,सत्य से ज़्यादा तर्क मत देना।सबसे बड़ी बातमुझे सत्य के सत्य से भी अवगत करवाना।मुझे मत देना वहजिसके लिए कोई और कर रहा हो प्रार्थना।
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