EPISODE · Aug 19, 2025 · 2 MIN
Prateeksha Mein Prem | Chitra Pawar
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
प्रतीक्षा में प्रेम | चित्रा पंवारनीलगिरि की पहाड़ीबारह बरस बादनीलकुरिंजी के खिलने पर हीकरती हैअपनी देह का शृंगारवह नहीं जाती चंपा, चमेली, गुलाब के पासअपने यौवन का सौंदर्य माँगनेअयोध्या व उर्मिला के सत को विचलित नहीं करताचौदह साल का चिर वियोगजानती हैं वोएक दिन लौटेंगे रामअनुज लखन के साथपार्वती कई जन्मों तककरती है तपबनाती है ख़ुद को राजकुमारी से अपर्णाअर्धनारीश्वर शिव की प्राण प्रियावैशाख, जेठ की अग्नि में भीजलकर नष्ट नहीं होती धरा की हरितिमाक्योंकि सुन रही है वोपास आते सावन की पदचापजहाँ प्रतीक्षा हैधैर्य हैलौट आने का भरोसा हैविरह की सुखद पीड़ा हैवहीं है प्रेम...
Embed this episode
NOW PLAYING
Prateeksha Mein Prem | Chitra Pawar
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
No similar episodes found.