EPISODE · Sep 18, 2025 · 1 MIN
Prem | Krishna Mohan Jha
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
प्रेम | कृष्णमोहन झाएक माहिर चीते की तरहअपने पंजों को दबा कर आता है प्रेमऔर जबड़े में उठाकर तुम्हें ले जाता हैअगले दिनया अगले के अगले दिनपंजों के निशान देखती है दुनियालेकिन उसेतुम्हारे टपकते रक्त का पता नहीं चलतातुम्हें भी कहाँ पता चलता हैकि जिस जबड़े में तुम फँस गए हो अचानकउसका नाम मृत्यु हैया है प्रेम
NOW PLAYING
Prem | Krishna Mohan Jha
No transcript for this episode yet
Similar Episodes
May 1, 2026 ·16m
Apr 29, 2026 ·46m
Apr 29, 2026 ·18m
Apr 28, 2026 ·49m