EPISODE · Apr 28, 2026 · 1 MIN
Safar Ke Saathi | Natasha
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
सफ़र के साथी । नताशावे मेरे कोई नहीं थेजिनका रह गया पानी उधार मुझ परउन कंधों की स्मृति शेष हैजिन पर मेरी नींद विदा हो गई हैउन पर रह गया उधारमेरे चुंबन का स्पर्शबीच रस्ते में जिनसेबिछड़ जाना पड़ा थाउन चेहरों को निहारना थाजिन्होंने लंबे सफ़र मेंमेरी भूख को बाँटाजिनके संबोधन के सूत्रध्वनि में घुल मेरे घर चले आएमैं कैसे चुकाऊँगी ये कर्ज़उन अजनबियों केजो मेरे कोई नहीं थे!
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