EPISODE · Mar 10, 2025 · 3 MIN
Sapne | Shivam Chaubey
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
सपने | शिवम चौबे रिक्शे वाले सवारियों के सपने देखते हैंसवारियाँ गंतव्य केदुकानदार के सपने में ग्राहक ही आएं ये ज़रूरी नहींमॉल भी आ सकते हैंछोटे व्यापारी पूंजीपतियों के सपने देखते हैं।पूंजीपति प्रधानमंत्री के सपने देखता हैप्रधानमंत्री के सपने में सम्भव है जनता न आयेआम आदमी अच्छे दिन के स्वप्न देखता है।पिता देखते हैं अपना घर होने का सपनामाँ के सपने में आती है अच्छी नींदहर व्यक्ति अपनी जगह से आगे बढ़कर देखता है।मल्लाह नदियों के सपने देखते हैं।नदियों के स्वप्न में मछलियां नहीं समुद्र आता हैपौधों के सपने में पेड़पेड़ों को शायद ही आते हों पलंग और कुर्सी के स्वप्नकैदी देखते हैं आज़ादी के सपनेचिड़ियों के सपने में होता है आसमानसपने आने और सपने देखने में फ़र्क होता हैआये हुए सपने डर के सपने होते हैं।देखे गए सपने सुंदर इच्छाओं केमैंने देखा था तुम्हारे साथ जीवन का सपनामेरे सपने में आते हैं तुम्हारे छूटे हुए हाथ बच्चों को आते हैं सबसे सुंदर सपनेबूढ़ों के सपनों में घटता है जीवनक्रांतिकारी देखते हैं संघर्ष और प्रेम के स्वप्नकवि के सपने में सम्पादक और पुरस्कार ही आएं ऐसा कहाँ लिखाउनको दुनिया भर के सपने आते होंगेबीते हुए कल और आने वाले कल के सपनेजैसे नदी की सीमा में पानी होता हैनींद की सीमा में होते हैं सपनेसूख जाती है जिनकी नदीउनको कहाँ ही आते हैं सपने।
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Sapne | Shivam Chaubey
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