EPISODE · Jan 2, 2026 · 1 MIN
Sardi Aayi | Safdar Hashmi
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
सर्दी आई | सफ़दर हाश्मीसर्दी आई, सर्दी आईठंड की पहने वर्दी आई।सबने लादे ढेर से कपड़ेचाहे दुबले, चाहते तगड़े।नाक सभी की लाल हो गईसुकड़ी सबकी चाल हो गई।ठिठुर रहे हैं, काँप रहे हैंदौड़ रहे हैं, हाँप रहे हैं।धूप में दौड़ें तो भी सर्दीछाओं में बैठें तो भी सर्दी।बिस्तर के अंदर भी सर्दीबिस्तर के बाहर भी सर्दी।बाहर सर्दी, घर में सर्दी।पैर में सर्दी, सर में सर्दी।इतनी सर्दी किसने करदीअंडे की जम जाए ज़र्दीसारे बदन में ठिठुरन भरदीजाड़ा है मौसम बेदर्दी।
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