EPISODE · May 29, 2026 · 2 MIN
Shabd | Kamala Das | Translation - Ranjana Mishra
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
शब्द / कमला दास अनुवाद. - रंजना मिश्रामेरे चारों और शब्द, शब्द, शब्द हैंवे मुझपर पत्तों की तरह उगते हैंऐसा लगता है वे कभी मेरे भीतरधीमे धीमे उगना बन्द नहीं करतेपर मैं खुद से कहती हूँ — शब्दवे एक मुसीबत हैं, उनसे सावधान रहो,वे कई चीज़ें हो सकते हैं, जैसेकि खाईजहाँ तेज़ी से चलते क़दमों को ठहरना चाहिएदेखो, वे समुद्र की पंगु बनाने वाली लहरें हो सकते हैंगर्म हवाओं का भूचाल या तुम्हारे सबसे अच्छे मित्र का गलाकाटने को उद्धत चाक़ूशब्द रुकावट हैंपर वे मुझपर इस तरह उगते हैं, जैसे पेड़ों पर पत्तेलगता है, वे कभी उगना बन्द नहीं करतेगहरे मेरे भीतर, एक चुप्पी से
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