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सहर्ष स्वीकारा है episode artwork

Nov 4, 2020 2 min

सहर्ष स्वीकारा है

from Hamari Aavaaz हमारी आवाज़ Hosted by Shashi Bhooshan

मुक्तिबोध की प्रतिनिधि कविताओं में से एक सहर्ष स्वीकारा है प्रेमपूर्ण और अत्यंत प्रेरक कविता है। इस कविता में जीवन के सब सुख दुःख, संघर्ष- अवसाद, उठा-पटक सम्यक भाव से स्वीकार करने का भाव है। यह कविता हमें प्रेरणा, प्रेम और मानवीय मूल्यों के प्रति सहज समर्पित रहने का भी बोध कराती है।

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सहर्ष स्वीकारा है

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एपिसोड एक. क्या आप बीमार और थके हुए हैं? Paul Steen हम "नहीं" की शक्ति का पता लगाएंगे। "नहीं" का उपयोग करने से हमारे जीवन में बदलाव आता है और हम जो हैं उसे समायोजित कर पाते हैं। हम अपने व्यवहार को बदलने के लिए स्वयं के महत्वपूर्ण तत्वों का पता लगाएंगे। Explicit Totality Meditation Music Hari Om आज्ञा चक्र आज्ञा चक्र के प्रतीक चित्र में दो पंखुडिय़ों वाला एक कमल है जो इस बात का द्योतक है कि चेतना के इस स्तर पर 'केवल दो', आत्मा और परमात्मा ही हैं। आज्ञा चक्र की देव मूर्तियों में शिव और शक्ति एक ही रूप में संयुक्त हैं। इसका अर्थ है कि आज्ञा चक्र में चेतना और प्रकृति पहले ही संयुक्त है, किन्तु अभी भी वे पूर्ण ऐक्य में समाए नहीं हैं। इस चक्र के गुण हैं - एकता, शून्य, सत, चित्त और आनंद। 'ज्ञान नेत्र' भीतर खुलता है और हम आत्मा की वास्तविकता देखते हैं - इसलिए 'तीसरा नेत्र' का प्रयोग किया गया है जो भगवान शिव का द्योतक है। आज्ञा चक्र 'आंतरिक गुरू' की पीठ (स्थान) है। यह द्योतक है बुद्धि और ज्ञान का, जो सभी कार्यों में अनुभव किया जा सकता है। उच्चतर, नैतिक विवेक के तर्कयुक्त शक्ति के समक्ष अहंकार आधारित प्रतिभा समर्पण कर चुकी है। तथापि, इस चक्र में एक रुकावट का उल्टा प्रभाव है जो व्यक्ति की परिकल्पना और विवेक की शक्ति को कम करता है, जिसका परिणाम भ्रम होता है। इसका मंत्र है ॐ। आज्ञा चक्र का रंग सफेद है। इसका तत्व मन का तत्व, अनुपद तत्त्व है। इसका चिह्न एक श्वेत शिवलिंगम्, सृजनात्मक चेतन Explicit VibsTALK Vibhore Pirodiya हम अक्सर खुद में इतने उलझ जाते है कि हमे याद ही नहीं रहता की दुनिया में शायद कोई और भी इसी उलझन या कोई और समस्या से जूझ रहा होगा। हमे बस अपने इस स्वनिर्मित विचार, सोच से कुछ अलग हट के सोचने की आवश्यकता और यह तभी संभव है जब हम सोचना बंद करके सुनना शुरू कर देते है। तो आप निश्चिंत होकर बैठे और हमे अपने आपका दिमाग परेशानी से हटाने का मौका दे। क्या पता शायद हमारी बात सुनकर आपको अपनी समस्या का निदान भी मिल जाए। आखिर अच्छे श्रोता होने का लाभ तो मिलता ही है। Explicit

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How long is this episode of Hamari Aavaaz हमारी आवाज़?

This episode is 2 minutes long.

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This episode was published on November 4, 2020.

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