सङ्घे शक्तिः कलौ युगे episode artwork

EPISODE · Dec 27, 2025 · 7 MIN

सङ्घे शक्तिः कलौ युगे

from बालमोदिनी · host सम्भाषणसन्देशः

कदाचित् निर्धनः देवदत्तः धनार्जनाय पत्नीपुत्रैः सह वनं गत्वा एकस्य वृक्षस्य अधः उपविश्य रज्जुनिर्माणम् आरब्धवान् । पत्नी पुत्रौ च विविधानां वृक्षाणां त्वचः सङ्गृह्य आनीतवन्तः। स्वकार्ये दत्तचित्तान् जनान् दृष्ट्वा तस्मात् वृक्षात् एकः यक्षः प्रत्यक्षीभूय अपृच्छत् 'भवन्तः अत्र किं कुर्वन्ति?’ इति । यद्यपि देवदत्तः भीतः तथापि धैर्येण अवदत् 'भवतः पादबन्धनार्थं रज्जुनिर्माणं कुर्वन्तः स्मः' इति । भीतः यक्षः 'मां रक्षतु । वृक्षस्य दशपाददूरे बह्व्यः सुवर्णमुद्रिकाः सन्ति' इति अवदत् । देवदत्तः धनं गृहीत्वा पत्नीपुत्रैः सह स्वगृहम् आगतवान् । तस्य दारिद्र्यचिह्नानि लुप्तानि अभवत् । यत्र सुमेलनं भवति तत्र बहुसम्पदा भवति ।(“केन्द्रीयसंस्कृतविश्वविद्यालयस्य अष्टादशीयोजनान्तर्गततया एतासां कथानां ध्वनिप्रक्षेपणं क्रियते”)Once, a poor man named Devadatta went to the forest with his wife and son to earn a living. Sitting beneath a tree, he began making ropes, while his wife and son collected bark from various trees. Seeing them absorbed in their work, a yaksha appeared and asked, “What are you doing here?” Though frightened, Devadatta bravely replied, “We are making ropes to bind your feet”. Terrified, the yaksha pleaded, “Spare me! Ten steps from this tree lies a treasure of gold coins—take them”. Devadatta gathered the wealth and returned home with his family. From then on, his poverty vanished.

Episode metadata supplied by the publisher feed · Published Dec 27, 2025

Embed this episode

NOW PLAYING

सङ्घे शक्तिः कलौ युगे

0:00 7:24

No transcript for this episode yet

We transcribe on demand. Request one and we'll notify you when it's ready — usually under 10 minutes.

No similar episodes found.

Shyambhai Y Thakar’s Podcast Shyambhai Thakar श्यामभाई ठाकर, यह नाम आज श्रीमद्भागवत, रामकथा, श्रीमद्भगवद्गीता और हिंदू धर्मग्रंथों की हिंदू परंपरा के विद्वान, प्रामाणिक, मधुरभाषी प्रवक्ता के रूप में भारत और विदेशों में हिंदू समुदाय में जाना जाने लगा है। भारतीय संस्कृति से लहलहाते ध्वज के गौरव विस्तारक पूज्यभाईश्री रमेशभाई ओझाजी द्वारा भारत की सनातनी संस्कृति को समर्पित श्री बाबडेश्वर संस्कृत महाविद्यालय, सांदीपनि विद्यानिकेतन, पोरबंदर में संस्कृत व्याकरण में आचार्य (M.A) तक शिक्षाप्राप्त श्यामभाई, श्रीमद्भागवत आदि को केवल प्रवचनका ही विषय न मानते हुए अपनी सहज दिनचर्या के रूप में श्रीमद्भागवत, गीता, रामचरितमानस, महाभारत और हाल के लेखकों के श्रेष्ठ साहित्य का अध्ययन करते रहते है। उनकी सत्संग यात्रा, जो 1999 से जारी है, भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, अफ्रीकी देशों में 165 से अधिक कथाओं और ग्रंथों के शतावधि मूल पारायणोंके रूप में विस्तृत हुई है और फैलती जा रही है। पूज्यभाईश्री की आज्ञा और आशीर्वाद से, कथावाचन के साथ साथ श्यामभाई सांदीपनि में, आज के छात्रों और भविष्य के कथाकारों को मूल श्रीमद्भागवत ग्रंथ का 2011 से अध्ययन कराते हैं, जो कि आज Jai Jai Hanuman Gosai Hubhopper हनुमान चालीसा की सैंतीसवी चौपाई “जै जै जै हनुमान गोसाईं। कृपा करहु गुरुदेव की नाई।।” में तुलसीदास जी कहते है "हे स्वामी हनुमानजी। आपकी जय हो, जय हो, जय हो। आप मुझ पर कृपालु श्री गुरुजी के समान कृपा कीजिए। तुलसीदास जी यहाँ केहना चाहते है की जीवन में और कोई योग्य गुरु न मिले तो हनुमान जी को गुरु और हनुमान चालीसा को ही मंत्र बना लीजिए। Pinaak Podcast - पिनाक पॉडकास्ट Vivek & Vidushi Sharma पिनाक पॉडकास्ट में आपका स्वागत है, यहां हम वैदिक ज्ञान की गहराई, पुराणों की समृद्धि और इतिहास को आकार देने वाली मनोरम कहानियों के माध्यम से यात्रा पर निकलते हैं। हमारा पॉडकास्ट प्राचीन ज्ञान को उजागर करने, पौराणिक ग्रंथों की कथाओं को डिकोड करने और ऐतिहासिक कहानियों के महत्व की खोज करने के लिए समर्पित है।हमसे जुड़ें क्योंकि हम वैदिक शिक्षाओं के सार में उतरते हैं, अतीत और वर्तमान दोनों में उनकी कालातीत प्रासंगिकता में अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। सावधानीपूर्वक विश्लेषण के माध्यम से, हम पौराणिक कहानियों में निहित सांस्कृतिक विरासत और गहन संदेशों को उजागर करते हैं।इसके अतिरिक्त, हम ऐतिहासिक वृत्तांतों में जान फूंकते हैं, सबक और अंतर्दृष्टि निकालते हैं जो हमारी आधुनिक दुनिया में गूंजती रहती है। चाहे आप अनुभवी विद्वान हों या जिज्ञासु शिक्षार्थी, पिनाक पॉडकास्ट बौद्धिक रूप से प्रेरक सामग्री प्रदान करता है जो ज्ञान, कहानी कहने और इतिहास के संगम का जश्न मनाता है।पिनाक पॉडकास्ट देखें और अपने आप को प्राचीन ज्ञान, कालातीत कहानियों और मनोरम इतिहास की दुनिया में डुबो द खोड्या आणि इतर कथा Khodya aani itar Katha Voicemantra दिलीपराज प्रकाशन ने प्रकाशित केलेल्या व सांत्वना शुक्ल ने कथन केलेला हा पॉडकास्ट आहे शाळकरी मुलांच्या गोष्टींचा . हा पॉडकास्ट योगेश सोमण यांच्या खोड्या आणि इतर कथा या पुस्तकावर आधारित आहे यात खोडकर मुलांच्या गमतीदार गोष्टी आहेत .पिंट्या , झिपऱ्या ,चिन्या,रघ्या, बाप्पा, ढब्ब्या ,गुड्डी यांच्या उपदव्यापी गॅंग मधले सगळेजण दिवसभरात काही न काही खोड्या करत असतात . या कथांमधून त्यांच्या निरागस खोड्यांचे वर्णन आहे .सर्वच वयाच्या श्रोत्यांना त्या आवडतील . मुलांना करमणुकीचा तर मोठ्यांना आठवणींचा आनंद घेता येईल.

Frequently Asked Questions

How long is this episode of बालमोदिनी?

This episode is 7 minutes long.

When was this बालमोदिनी episode published?

This episode was published on December 27, 2025.

Can I download this बालमोदिनी episode?

Yes. Use the download control on the episode player to save the publisher-provided media file.
URL copied to clipboard!