EPISODE · May 14, 2024 · 2 MIN
Tamasha | Madan Kashyap
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
तमाशा | मदन कश्यप सर्कस में शेर से लड़ने की तुलना में बहुत अधिक ताकत और हिम्मत की ज़रूरत होती है जंगल में शेर से लड़ने के लिएजो जिंदगी की पगडंडियों पर इतना भी नहीं चल सकाकि सुकून से चार रोटियाँ खा सके वह बड़ी आसानी से आधी रोटी के लिए रस्सी पर चल लेता है। तमाशा हमेशा ही सहज होता है क्योंकि इसमेंबनी-बनायी सरल प्रक्रिया में चीजें लगभग पूर्व निर्धारित गति सेचल कर पहले से सोचे-समझे अंत तक पहुँचती हैंकैसा होता है वह देशजिसका शासक बड़े से बड़े मसले को तमाशे में बदल देता है। और जनता को तमाशबीन बनने पर मजबूर कर देता है।
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