EPISODE · Aug 18, 2024 · 1 MIN
Tan Gayi Reedh | Nagarjun
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
तन गई रीढ़ | नागार्जुनझुकी पीठ को मिलाकिसी हथेली का स्पर्शतन गई रीढ़महसूस हुई कन्धों कोपीछे से,किसी नाक की सहज उष्ण निराकुल साँसेंतन गई रीढ़कौंधी कहीं चितवनरंग गए कहीं किसी के होंठनिगाहों के ज़रिये जादू घुसा अन्दरतन गई रीढ़गूँजी कहीं खिलखिलाहटटूक-टूक होकर छितराया सन्नाटाभर गए कर्णकुहरतन गई रीढ़आगे से आयाअलकों के तैलाक्त परिमल का झोंकारग-रग में दौड़ गई बिजलीतन गई रीढ़
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