EPISODE · Dec 14, 2025 · 2 MIN
Theek Hai Khud Ko Hum Badalte Hain | Jaun Elia
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
ठीक है ख़ुद को हम बदलते हैं। जौन एलियाठीक है ख़ुद को हम बदलते हैंशुक्रिया मश्वरत का चलते हैंहो रहा हूँ मैं किस तरह बरबाददेखने वाले हाथ मलते हैंहै वो जान अब हर एक महफ़िल कीहम भी अब घर से कम निकलते हैंक्या तकल्लुफ़ करें ये कहने मेंजो भी ख़ुश है हम उस से जलते हैंहै उसे दूर का सफ़र दर-पेशहम सँभाले नहीं सँभलते हैंतुम बनो रंग तुम बनो ख़ुश्बूहम तो अपने सुख़न में ढलते हैंमैं उसी तरह तो बहलता हूँऔर सब जिस तरह बहलते हैंहै अजब फ़ैसले का सहरा भीचल न पड़िए तो पाँव जलते हैं
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