Tumhari Jeb Mein Ek Suraj Hota Tha | Ajay episode artwork

EPISODE · Jan 16, 2026 · 2 MIN

Tumhari Jeb Mein Ek Suraj Hota Tha | Ajay

from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio

तुम्हारी जेब में एक सूरज होता था । अजेयतुम्हारी जेबों में टटोलने हैं मुझेदुनिया के तमाम ख़ज़ानेसूखी हुई ख़ुबानियाँभुने हुए जौ के दानेकाठ की एक चपटी कंघी और सीप की फुलियाँसूँघ सकता हूँ गंध एक सस्ते साबुन कीआज भीमैं तुम्हारी छाती से चिपकातुम्हारी देह को तापता एक छोटा बच्चा हूँ माँमुझे जल्दी से बड़ा हो जाने देमुझे कहना है धन्यवादएक दुबली लड़की की कातर आँखों कोमूँगफलियाँ छीलती गिलहरी कीनन्ही पिलपिली उँगलियों कोदो-दो हाथ करने हैं मुझेनदी की एक वनैली लहर सेआँख से आँख मिलानी  हैहवा के एक शैतान झोंके सेमुझे तुम्हारी सबसे भीतर वाली जेब सेचुराना है एक दहकता सूरजऔर भाग कर गुम हो जाना हैतुम्हारी अँधेरी दुनिया में एक फ़रिश्ते की तरहजहाँ औंधे मुँह बेसुध पड़ी हैंतुम्हारी अनगिनत सखियाँमेरे बेशुमार दोस्त खड़े हैं हाथ फैलाएकोई ख़बर नहीं जिनकोकि कौन-सा पहर अभी चल रहा हैऔर कौन गुज़र गया है अभी-अभीसौंपना है माँउन्हें उनका अपना सपनालौटाना है उन्हें उनकी गुलाबी अमानतसहेज कर रखा हुआ हैजो तुमने बड़ी हिफ़ाज़त सेअपनी सबसे भीतर वाली जेब में!

तुम्हारी जेब में एक सूरज होता था । अजेयतुम्हारी जेबों में टटोलने हैं मुझेदुनिया के तमाम ख़ज़ानेसूखी हुई ख़ुबानियाँभुने हुए जौ के दानेकाठ की एक चपटी कंघी और सीप की फुलियाँसूँघ सकता हूँ गंध एक सस्ते साबुन कीआज भीमैं तुम्हारी छाती से चिपकातुम्हारी देह को तापता एक छोटा बच्चा हूँ माँमुझे जल्दी से बड़ा हो जाने देमुझे कहना है धन्यवादएक दुबली लड़की की कातर आँखों कोमूँगफलियाँ छीलती गिलहरी कीनन्ही पिलपिली उँगलियों कोदो-दो हाथ करने हैं मुझेनदी की एक वनैली लहर सेआँख से आँख मिलानी  हैहवा के एक शैतान झोंके सेमुझे तुम्हारी सबसे भीतर वाली जेब सेचुराना है एक दहकता सूरजऔर भाग कर गुम हो जाना हैतुम्हारी अँधेरी दुनिया में एक फ़रिश्ते की तरहजहाँ औंधे मुँह बेसुध पड़ी हैंतुम्हारी अनगिनत सखियाँमेरे बेशुमार दोस्त खड़े हैं हाथ फैलाएकोई ख़बर नहीं जिनकोकि कौन-सा पहर अभी चल रहा हैऔर कौन गुज़र गया है अभी-अभीसौंपना है माँउन्हें उनका अपना सपनालौटाना है उन्हें उनकी गुलाबी अमानतसहेज कर रखा हुआ हैजो तुमने बड़ी हिफ़ाज़त सेअपनी सबसे भीतर वाली जेब में!

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How long is this episode of Pratidin Ek Kavita?

This episode is 2 minutes long.

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This episode was published on January 16, 2026.

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तुम्हारी जेब में एक सूरज होता था । अजेयतुम्हारी जेबों में टटोलने हैं मुझेदुनिया के तमाम ख़ज़ानेसूखी हुई ख़ुबानियाँभुने हुए जौ के दानेकाठ की एक चपटी कंघी और सीप की फुलियाँसूँघ सकता हूँ गंध एक सस्ते साबुन कीआज भीमैं तुम्हारी छाती से चिपकातुम्हारी देह को...

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