वासुदेवस्य भक्तिः episode artwork

EPISODE · Dec 1, 2025 · 3 MIN

वासुदेवस्य भक्तिः

from बालमोदिनी · host सम्भाषणसन्देशः

एषा कथा पञ्चदशे अथवा षोडशे शतके घटिता, यत्र श्रीकृष्णचैतन्यनामकः कश्चन मेधावी न्यायशास्त्रविद् भागवतभक्तः वैष्णवाचार्यः अभवत् । सः चैतन्यमहाप्रभुः इत्यपि प्रसिद्धः । तस्मिन्काले वासुदेवनामकः कश्चन कृष्णभक्तः कुष्ठरोगेण पीडितः आसीत् । एकदा चैतन्यमहाप्रभुः दक्षिणभारतयात्रां कुर्वन् कूर्मनामकस्य ब्राह्मणस्य गृहे वासं कृतवान् । श्रुतवार्तः वासुदेवः परिश्रमेण तत्र आगतः, किन्तु महाप्रभुः तावता ततः निर्गतः आसीत् । वासुदेवः खिन्नः भूत्वा मूर्च्छितः अभवत् । सर्वज्ञः महाप्रभुः वासुदेवस्य भावं ज्ञात्वा शीघ्रं प्रत्यागत्य तम् आलिङ्गितवान् । तस्य स्पर्शेन वासुदेवस्य व्याधिः अपगतः, सः नूतनं निर्मलं देहं प्राप्तवान् च ।(“केन्द्रीयसंस्कृतविश्वविद्यालयस्य अष्टादशीयोजनान्तर्गततया एतासां कथानां ध्वनिप्रक्षेपणं क्रियते”)This story took place in the 15th or 16th century, during the time of Shri Krishna Chaitanya, a brilliant scholar of Nyaya (logic), a devotee of the Bhagavata, and a revered Vaishnava acharya. He was also widely known as Chaitanya Mahaprabhu. At that time, there was a devotee named Vasudeva who suffered from leprosy. Once, while Chaitanya Mahaprabhu was traveling through South India, he stayed at the home of a Brahmin named Kurma. Hearing of his arrival, Vasudeva made a strenuous effort to reach him, but by the time he arrived, Mahaprabhu had already departed. Heartbroken, Vasudeva fainted from grief. Being omniscient, Mahaprabhu sensed Vasudeva’s deep devotion and quickly returned to embrace him. By the divine touch of Mahaprabhu, Vasudeva was cured of his disease and received a renewed, pure body. This tale beautifully illustrates the transformative power of devotion and divine grace.

Episode metadata supplied by the publisher feed · Published Dec 1, 2025

Embed this episode

NOW PLAYING

वासुदेवस्य भक्तिः

0:00 3:24

No transcript for this episode yet

We transcribe on demand. Request one and we'll notify you when it's ready — usually under 10 minutes.

No similar episodes found.

Shyambhai Y Thakar’s Podcast Shyambhai Thakar श्यामभाई ठाकर, यह नाम आज श्रीमद्भागवत, रामकथा, श्रीमद्भगवद्गीता और हिंदू धर्मग्रंथों की हिंदू परंपरा के विद्वान, प्रामाणिक, मधुरभाषी प्रवक्ता के रूप में भारत और विदेशों में हिंदू समुदाय में जाना जाने लगा है। भारतीय संस्कृति से लहलहाते ध्वज के गौरव विस्तारक पूज्यभाईश्री रमेशभाई ओझाजी द्वारा भारत की सनातनी संस्कृति को समर्पित श्री बाबडेश्वर संस्कृत महाविद्यालय, सांदीपनि विद्यानिकेतन, पोरबंदर में संस्कृत व्याकरण में आचार्य (M.A) तक शिक्षाप्राप्त श्यामभाई, श्रीमद्भागवत आदि को केवल प्रवचनका ही विषय न मानते हुए अपनी सहज दिनचर्या के रूप में श्रीमद्भागवत, गीता, रामचरितमानस, महाभारत और हाल के लेखकों के श्रेष्ठ साहित्य का अध्ययन करते रहते है। उनकी सत्संग यात्रा, जो 1999 से जारी है, भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, अफ्रीकी देशों में 165 से अधिक कथाओं और ग्रंथों के शतावधि मूल पारायणोंके रूप में विस्तृत हुई है और फैलती जा रही है। पूज्यभाईश्री की आज्ञा और आशीर्वाद से, कथावाचन के साथ साथ श्यामभाई सांदीपनि में, आज के छात्रों और भविष्य के कथाकारों को मूल श्रीमद्भागवत ग्रंथ का 2011 से अध्ययन कराते हैं, जो कि आज Pinaak Podcast - पिनाक पॉडकास्ट Vivek & Vidushi Sharma पिनाक पॉडकास्ट में आपका स्वागत है, यहां हम वैदिक ज्ञान की गहराई, पुराणों की समृद्धि और इतिहास को आकार देने वाली मनोरम कहानियों के माध्यम से यात्रा पर निकलते हैं। हमारा पॉडकास्ट प्राचीन ज्ञान को उजागर करने, पौराणिक ग्रंथों की कथाओं को डिकोड करने और ऐतिहासिक कहानियों के महत्व की खोज करने के लिए समर्पित है।हमसे जुड़ें क्योंकि हम वैदिक शिक्षाओं के सार में उतरते हैं, अतीत और वर्तमान दोनों में उनकी कालातीत प्रासंगिकता में अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। सावधानीपूर्वक विश्लेषण के माध्यम से, हम पौराणिक कहानियों में निहित सांस्कृतिक विरासत और गहन संदेशों को उजागर करते हैं।इसके अतिरिक्त, हम ऐतिहासिक वृत्तांतों में जान फूंकते हैं, सबक और अंतर्दृष्टि निकालते हैं जो हमारी आधुनिक दुनिया में गूंजती रहती है। चाहे आप अनुभवी विद्वान हों या जिज्ञासु शिक्षार्थी, पिनाक पॉडकास्ट बौद्धिक रूप से प्रेरक सामग्री प्रदान करता है जो ज्ञान, कहानी कहने और इतिहास के संगम का जश्न मनाता है।पिनाक पॉडकास्ट देखें और अपने आप को प्राचीन ज्ञान, कालातीत कहानियों और मनोरम इतिहास की दुनिया में डुबो द खोड्या आणि इतर कथा Khodya aani itar Katha Voicemantra दिलीपराज प्रकाशन ने प्रकाशित केलेल्या व सांत्वना शुक्ल ने कथन केलेला हा पॉडकास्ट आहे शाळकरी मुलांच्या गोष्टींचा . हा पॉडकास्ट योगेश सोमण यांच्या खोड्या आणि इतर कथा या पुस्तकावर आधारित आहे यात खोडकर मुलांच्या गमतीदार गोष्टी आहेत .पिंट्या , झिपऱ्या ,चिन्या,रघ्या, बाप्पा, ढब्ब्या ,गुड्डी यांच्या उपदव्यापी गॅंग मधले सगळेजण दिवसभरात काही न काही खोड्या करत असतात . या कथांमधून त्यांच्या निरागस खोड्यांचे वर्णन आहे .सर्वच वयाच्या श्रोत्यांना त्या आवडतील . मुलांना करमणुकीचा तर मोठ्यांना आठवणींचा आनंद घेता येईल.

Frequently Asked Questions

How long is this episode of बालमोदिनी?

This episode is 3 minutes long.

When was this बालमोदिनी episode published?

This episode was published on December 1, 2025.

Can I download this बालमोदिनी episode?

Yes. Use the download control on the episode player to save the publisher-provided media file.
URL copied to clipboard!