EPISODE · Nov 10, 2023 · 2 MIN
Vishwa Ki Vasundhara Suhagini Bani Rahe | Sheoraj Singh 'Bechain'
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
विश्व की वसुंधरा सुहागिनी बनी रहे | श्यौराज सिंह ‘बेचैनगगन में सूर्य-चंद्रऔर चाँदनी बनी रहेचमन बना रहेचमन की स्वामिनी बनी रहे।कोयलों केकंठ की माधुरी बनी रहे।रागियों के–अधरों की रागिनी बनी रहे।गूँजते रहेंभ्रमर किसलयों की चाह में,मेल-प्यारहो अपार, ज़िंदगी की राह मेंसबतरु सरस रहें, न पात टूट भू गहें।कली-कली–की गोद, नित सुगंध से भरी रहे।ये गिरी–शिखर बने रहें, ये सुरसुरी बनी रहे।भँवर कोचीरती चली, प्रगति ‘तरी’ बनी रहे।छूतछातजातिभेद की प्रथा नहीं रहे।लोकतंत्रहो सजीव, मनुकथा नहीं रहे।गरज ये कितृतीय विश्व युद्ध नहीं चाहिए। विश्व की–वसुंधरा सुहागिनी बनी रहे।हवा सुचैनशांति की सदा सुहावनी रहे।नहीं रहे तोदेश की दरिद्रता नहीं रहे।आदमी की आदमी सेशत्रुता नहीं रहे।ये भुखमरी नहीं रहे,ये खुदकुशी नहीं रहे।देवियों कीदेह की तस्करी नहीं रहे।मनुष्यताकी भावना प्रबल घनी बनी रहे।चमन बना रहेचमन की स्वामिनी बनी रहे।
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