EPISODE · Jul 9, 2026 · 2 MIN
Vismriti | Sushma Kumari
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
विस्मृति। सुषमा कुमारी हम दूसरी दुनिया केचौथे, पाँचवे या सबसे निचले दर्जे केबचे हुए मुट्ठी भर अनाज हैं,आधे गेहूँ और आधे घून की तरहबची हुई हमारी नियतिजातें में पीसने को तैयार है!गेहूँ है, घून हैचक्की है, आटा है,भूख अब भी बैठी है आँत मेंहवा बदली है, मौसम बिगड़ा है।अख़बारों में युद्ध अब सबसे बड़ा मुद्दा नहीं,चूल्हे का सवालइन दिनों सबसे बड़ा सवाल है!और चूहेदानी में फंसेरोटी के टुकड़े सबसे बड़ा जाल है!पत्थर से आगऔर आग से चूल्हा जलाने वाले लोगइन दिनों विस्मृति का शिकार हैं!
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