EPISODE · Sep 30, 2025 · 2 MIN
Walid Ki Wafaat Par | Nida Fazli
from Pratidin Ek Kavita · host Nayi Dhara Radio
वालिद की वफ़ात पर | निदा फ़ाज़लीतुम्हारी क़ब्र परमैं फ़ातिहा पढ़ने नहीं आयामुझे मालूम थातुम मर नहीं सकतेतुम्हारी मौत की सच्ची ख़बर जिस ने उड़ाई थीवो झूटा थावो तुम कब थेकोई सूखा हुआ पत्ता हवा से मिल के टूटा थामिरी आँखेंतुम्हारे मंज़रों में क़ैद हैं अब तकमैं जो भी देखता हूँसोचता हूँवो वही हैजो तुम्हारी नेक-नामी और बद-नामी की दुनिया थीकहीं कुछ भी नहीं बदलातुम्हारे हाथ मेरी उँगलियों में साँस लेते हैंमैं लिखने के लिएजब भी क़लम काग़ज़ उठाता हूँतुम्हें बैठा हुआ मैं अपनी ही कुर्सी में पाता हूँबदन में मेरे जितना भी लहू हैवो तुम्हारीलग़्ज़िशों नाकामियों के साथ बहता हैमिरी आवाज़ में छुप करतुम्हारा ज़ेहन रहता हैमिरी बीमारियों में तुममिरी लाचारियों में तुमतुम्हारी क़ब्र पर जिस ने तुम्हारा नाम लिखा हैवो झूटा हैतुम्हारी क़ब्र में मैं दफ़्न हूँतुम मुझ में ज़िंदा होकभी फ़ुर्सत मिले तो फ़ातिहा पढ़ने चले आना
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