Episodes
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054 - देखी बहुत निराली महिमा सत्संग की
देखी बहुत निराली महिमा सत्संग की
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041 - अब सोप दिया इस जीवन
अब सोप दिया इस जीवन
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008 - इंसान जान कर भी
008 - इंसान जान कर भी
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017 - नफ़रत की यह आग लगी हैं
017 - नफ़रत की यह आग लगी हैं
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15 - सागर से भी गहरा बन्दे गुरुदेव का प्यार है
सागर से भी गहरा बन्दे गुरुदेव का प्यार है
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32 - क्या पूछते हो क्या तुम से
32 - क्या पूछते हो क्या तुम से
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012 - सजधज के जिस दिन मोत
सजधज के जिस दिन मोत
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051a - दोनो जाहान के मालिक तेरा ही आसरा
051 - दोनो जाहान के मालिक
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044 - जब तेरी डॉली निकाली जायागी
044 - जब तेरी डॉली निकाली जायागी
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053 - भवसागर तरने का सिमरन
भवसागर तरने का सिमरन
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051 - दोनो जाहान के मालिक
दोनो जाहान के मालिक
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039 - दया करो भगवन
दया करो भगवन
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036 - भला किसी कर न सको तो
भला किसी कर न सको तो
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035 - सोचो जरा करो मन में विचार
सोचो जरा करो मन में विचार
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034 - सतगुरु नाम के हीरे मोती
सतगुरु नाम के हीरे मोती
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030 - गुरु नाम से तरना हैं
गुरु नाम से तरना हैं
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026 - बीते जीवन सारा
बीते जीवन सारा
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022 - मिलता हैं सॅचा सुख
मिलता हैं सॅचा सुख
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016 - सतगुरु में तेरी पतंग
सतगुरु में तेरी पतंग
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013 - बंदे सतगुरु सतगुरु बोल
बंदे सतगुरु सतगुरु बोल
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010 - क्यों सो रहा मुसाफिर
क्यों सो रहा मुसाफिर
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008 - इंसान जान कर भी
इंसान जान कर भी
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007 - इस जगत सरय में
007 - इस जगत सरय में
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003 - हर गड़ी हर पल सिमरन तेरा
हर गड़ी हर पल सिमरन तेरा
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002 - तेरा करता रहूं गुणगान
तेरा करता रहूं गुणगान
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001- अन्दर बढ़के पौड चढ़के
001 - अन्दर बढ़के पौड चढ़के
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भजन शबद गुरुबानी
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