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एक थी बुलबुल ,कही अनकही कहानियाँ

नमस्कार, शुभकामनाएं मेरा नाम मनीषा कोपल वासुदेव है मैं यह पॉडकास्ट अपनी बेटी की याद में शुरू कर रही हूँ। यहां मैं कही अनकही नारी मन की कहानियां सुनाना चाहती हूँ। इस उम्मीद के साथ कि आपको मेरी कोशिश पसंद आएगी। धन्यवाद

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  1. 10

    Swami and his friends by R.K. Narayan Part-1 Somvar ki subah स्वामी और उसके दोस्त-आर के नारायण १-सोमवार की सुबह

    Hello everyone . I am Manisha Kopal yadav. welcome to my channel “Ek thi bulbul”. In this channel I present Hindi short stories in my voice. Please like and subscribe to my channel if you like my work. 🙏🙏 नमस्कार मै हूँ मनीषा कोपल यादव एक थी बुलबुल चैनल में मैं सुनाती हूँ अपनी पसंदीदा हिंदी कहानियाँ। आज सुनिए आर के नारायण का लिखा उपन्यास " स्वामी और उसके दोस्त " का पहला अध्याय-सोमवार की सुबह। स्वामी एक चुलबुला और शरारती लड़का है दोस्तों के साथ मस्ती करना और पढ़ाई से पीछा छुड़ाना चाहता है....... अनूठे अंदाज में लिखा आर के नारायण का यह उपन्यास अत्यंत मनोरंजक है मासूम स्वामी की शरारतें कभी हँसाती हैं तो कभी उसका दुख मन को छू लेता है। स्वामी की तरह ही मेरी बेटी डॉ कोपल वासुदेव भी बचपन से ही बहुत चुलबुली और शरारती थी उसकी स्मृति में मैं यह उपन्यास पढ़ना चाहती हूँ। मेरी यह श्रद्धांजलि पसंद आए तो लाइक और सब्स्क्राइब जरूर कीजियेगा 🙏🙏

  2. 9

    सौत लेखिका गौरा पंत शिवानी। SAUT By SHIVANI

    मैं हूँ मनीषा कोपल यादव और मैं सुनाती हूं, कही अनकही कहानियों की श्रंखला " एक थी बुलबुल" में हिंदी की मन को छूने वाली श्रेष्ठ कहानियां । शिवानी जी की लिखी कहानी सौत एक सीधी सरल स्वभाव की स्त्री के जीवन की कहानी है जो सांसारिक छल कपट से दूर बहुत ही भोली है।

  3. 8

    उपहार लेखिका शिवानी। Uphar by Shivani

    नमस्कार दोस्तों , मैं हूंँ मनीषा कोपल यादव 'एक थी बुलबुल 'चैनल में आप सबका स्वागत है। यहां मैं सुनाती हूंँ मन को छूने वाली हिंदी की श्रेष्ठ कहानियां आज सुनिए शिवानी जी की लिखी मन को छूने वाली कहानी उपहार.....।

  4. 7

    चिरस्वयंवरा लेखिका शिवानी Chirsvyamvara by Shivani

    Hello everyone I am Manisha kopal yadav. Welcome to my channel - 'Ek Thi Bulbul' In this channel ,I present Hindi short stories in my voice .please like and subscribe my channel if you like my work. मैं हूँ मनीषा कोपल यादव । कही -अनकही कहानियो की श्रंखला 'एक थी बुलबुल 'में आपका स्वागत करती हूँ।यहॉ मैं आपको हिन्दी की श्रेष्ठ कहानियॉं सुनाने का प्रयास करती हूँ,अगर पसंद आए तो लाइक सबस्क्राइब ज़रूर कीजिएगा। 'चिरस्वयंवरा ' लेखिका -शिवानी एक स्त्री के जीवन में ऐसे बहुत से क्षण आते हैं जब वो कई मनोभावों से हो कर गुजरती है, ऐसी ही एक स्त्री के अन्तर मन में उठती लहरों की मार्मिक कथा है चिरस्वयंवरा.........

  5. 6

    भिक्षुणी लेखिका शिवानी Bhikshuni by Shivani

    मैं हूँ मनीषा कोपल यादव । कही -अनकही कहानियों की श्रंखला एक थी बुलबुल में आप का स्वागत करती हूंँ। यहां मैं आपको हिंदी की बेहतरीन कहानियां सुनाने का प्रयास करती हूंँअगर आपको पसंद आए तो लाइक और सब्सक्राइब जरूर कीजिएगा। Hello everyone. I am Manisha Kopal Yadav. Welcome to my channel Ek Thi Bulbul. In this channel, I present Hindi short stories in my voice. Please like and subscribe to my channel if you like my work. Bhikshuni- by Shivani भिक्षुणी - लेखिका शिवानी कथा सार- जीवन यात्रा के शुरू में एक बार उसका कदम गलत पड़ गया था फिर उसके परिणाम से कैसे बच सकती थी वह..........

  6. 5

    लाल हवेली लेखिका शिवानी। Lal Haveli by Sivani

    नमस्कार मैं मनीषा कोपल यादव कही अनकही कहानियों की श्रंखला 'एक थी बुलबुल 'में आप सब का स्वागत करती हूं Hello everyone. I am Manisha Kopal Yadav. You all are welcome to my channel 'Ek Thi Bulbul' where you can listen Hindi short stories in my voice. Please subscribe to my channel if you like my work. हिंदी उपन्यासकार, कहानीकार पद्म श्री अलंकृत शिवानी जी का वास्तविक नाम गौरा पंत था।शिवानी जी अपने किरदारों को अपने शब्दों से ऐसे सजा देती थी कि वह साक्षात हमारे सामने आकर खड़े हो जाते थे। शिवानी जी की हिंदी ,संस्कृत, गुजराती ,बंगाली, उर्दू तथा अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ थी ।शिवानी जी की एक लघु रचना मैं मुर्गा हूंँ 1951 में धर्म युग में छपी थी ।उसके बाद आई उनकी कहानी लाल हवेली और तब से जो लेखन का क्रम शुरू हुआ वह उनके जीवन के अंतिम दिनों तक चलता रहा। उन्होंने स्त्री के लगभग सभी मनोभावों और उनके अंतर्द्वंद को बहुत खूबसूरती से अपने शब्दों के माध्यम से पन्नों पर उकेरा है। इसी से उनकी रचनाओं की लोकप्रियता आज भी जारी है।

  7. 4

    Vayvastha ka visarg bindu Shashiprabha Shastri व्यवस्था का विसर्ग बिन्दु ...

    Hello everyone. I am Manisha Kopal Yadav. Welcome to my channel Ek Thi Bulbul. In this channel, I present Hindi short stories in my voice. Please like and subscribe to my channel if you like my work. मैं मनीषा कोपल यादव एक थी बुलबुल ,कही अनकही कहानियों की श्रंखला में आपका स्वागत करती हूं। मेरी आज की कहानी 'व्यवस्था का विसर्ग: बिंदु' श्रीमती शशि प्रभा शास्त्री द्वारा लिखी गई है ।शशि प्रभा शास्त्री जी का जन्म मेरठ में 1923 में हुआ था इन्होंने दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज से स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की फिर उन्होंने जोधपुर से शोध कार्य किया । 77 वर्ष की आयु में 2020 में उनका देहांत हो गया। उन्होंने हिंदी साहित्य को बहुत सारी बेशकीमती कृतियों से संपन्न किया है इनकी रचनाओं में इनके व्यक्तिगत अनुभव , सामाजिक मानवीय संवेदनाओं, विसंगतियों उनके तनाव का सजीव चित्रण परिलक्षित होता है।इनकी कुछ रचनाओं के नाम निम्न लिखित हैं- तलहटी , उम्र एक गलियारे की, खामोश होते सवाल, ये छोटा' महा योद्धा, सागर पार का संसार, पतझड़ अमलतास इत्यादि ।

  8. 3

    मुन्शी प्रेमचन्द्र जी द्वारा रचित लघुकथा परीक्षा

    मैं मनीषा आज आपको प्रेमचंद जी की लघुकथा परीक्षा सुनाने जा रही हूँ। कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी ने हिंदी में कहानी और उपन्यास को सुदृढ़ नीव प्रदान की उन्होंने साहित्य को समाज से जोड़ा । प्रेमचंद जी साहित्य के माध्यम से मानव का उद्धार करना चाहते थे तथा साहित्य को राष्ट्रीय चिंतन को आधार बनाते हुए मानवता की बात करते थे। उनके अनुसार साहित्य में सामाजिक परिस्थितियों का समावेश अवश्य होना चाहिए । साहित्य में सच्चाई होनी चाहिए क्योंकि साहित्य जीवन की आलोचना है शायद इसीलिए उनकी कहानी परीक्षा का मूल संदेश, इंसानियत से बढ़कर कोई ज्ञान नहीं है आज भी प्रासंगिक है।

  9. 2

    एक थी बुलबुल

    मेरी बेटी डॉक्टर कोपल के जाने के बाद जब सब कुछ समाप्त हो गया लग रहा था जीने की कोई वजह नहीं दिखती थी तब मैंने बेटी का सपना पूरा करना चाहा वह वॉइस ओवर करना चाहती थी मैंने सोचा मैं भी कोशिश करके देखती हूं मेरी बेटी जहां भी होगी शायद उसे भी पसंद आए मेरा यह कदम

  10. 1

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