Episodes
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इस दुनिया से परे एक और दुनिया बसती है
इस दुनिया से परे एक और दुनिया बसती है
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आयने में नजर आता वो शख्स भी अब मेरा नहीं।
आयने में नजर आता वो शख्स भी अब मेरा नहीं।
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ये भी एक दौर- ए-ज़िन्दगी थी मेरी
ये भी एक दौर- ए-ज़िन्दगी थी मेरी
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तु मेरी मोहबब्त है मेरी जरूरत हो नहीं सकता.
तु मेरी मोहबब्त है मेरी जरूरत हो नहीं सकता.
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तुमसे दूर होऊंगा और फिर सितारा हो जाऊंगा
तुमसे दूर होऊंगा और फिर सितारा हो जाऊंगा
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तुम वहां पहुंच गए मेरी जान
तुम वहां पहुंच गए मेरी जान
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बहुत कुछ अपने में बिखर रहा है
बहुत कुछ अपने में बिखर रहा है
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आखें बंद होते ही वो दौड़ी चली आती है।
आखें बंद होते ही वो दौड़ी चली आती है।
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मैं उसकी तस्वीर बनाता हूं और वो मेरे सामने आ जाती है।
मैं उसकी तस्वीर बनाता हूं और वो मेरे सामने आ जाती है।
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हमने जब भी लिखा फकत तुझे ही लिखा.
हमने जब भी लिखा फकत तुझे ही लिखा.
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इस कदर हमें वो प्यारा था
इस कदर हमें वो प्यारा था
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ना जाने क्यों फिर ये तन्हाई कैसी है
ना जाने क्यों फिर ये तन्हाई कैसी है
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उसके छत पे पतंग उतारा करते थे हम।
उसके छत पे पतंग उतारा करते थे हम।
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सफ़र खतम हुआ है, ज़िन्दगी नहीं।
सफ़र खतम हुआ है, ज़िन्दगी नहीं।
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जरुरत में तो मुसाफिर भी दरख़्त तले रुकते हैं।
जरुरत में तो मुसाफिर भी दरख़्त तले रुकते हैं।
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इस कदर मुझमें पागल है वो लड़की
इस कदर मुझमें पागल है वो लड़की
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उसके गालों को कोई अब हाथों से छूता होगा।
उसके गालों को कोई अब हाथों से छूता होगा।
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ये मेरे बिस्तर की जो चादर है, ये चादर हटा दो.
ये मेरे बिस्तर की जो चादर है, ये चादर हटा दो.
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इसके अलावा, मेरा कोई ठिकाना नहीं.
इसके अलावा, मेरा कोई ठिकाना नहीं.
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तुम तो हम जैसे नजर आ रहे हो
तुम तो हम जैसे नजर आ रहे हो
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मैं तो उससे मोहब्बत करता था
मैं तो उससे मोहब्बत करता था
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वो जहां भी रहे खुश रहे.
वो जहां भी रहे खुश रहे.
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ये मेरी मोहब्बत है जिसे तुम पागलपन समझते हो
ये मेरी मोहब्बत है जिसे तुम पागलपन समझते हो
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सुना है कुछ लोग थोड़ी देर बाद मिलते हैं.
सुना है कुछ लोग थोड़ी देर बाद मिलते हैं.
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मुझे नींद से जगा कर चला गया वो
मुझे नींद से जगा कर चला गया वो
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एक मेरी आखें जिसमें तेरे ख्वाब ठहरे
एक मेरी आखें जिसमें तेरे ख्वाब ठहरे
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सुना है उसने बेटे का नाम 'उमेश' रखा है
सुना है उसने बेटे का नाम 'उमेश' रखा है
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ये दरवाजे खुले क्यों रखे है ‘उमेश‘
ये दरवाजे खुले क्यों रखे है ‘उमेश‘
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क्या मैं तुम्हें याद हूं? बोलो ना।
क्या मैं तुम्हें याद हूं? बोलो ना।
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वो जहां छोड़ गया था मुझे वहीं खड़ा हूं मैं
वो जहां छोड़ गया था मुझे वहीं खड़ा हूं मैं
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तब तुम याद आए
तब तुम याद आए
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दिया जलाया है और हवा चल रही है
दिया जलाया है और हवा चल रही है
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एक जमाने बाद हमने कुछ अच्छा सोचा
एक जमाने बाद हमने कुछ अच्छा सोचा
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ये खयाल अच्छा लगा, तो सोच लिया
ये खयाल अच्छा लगा, तो सोच लिया
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ना जाने क्या आलम होगा तुम्हारे कमरे का
ना जाने क्या आलम होगा तुम्हारे कमरे का
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जो तुमने छू लिया, बहक जाएंगे हम
जो तुमने छू लिया, बहक जाएंगे हम
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क्या पता कौन गया, कौन दिल में आया है.
क्या पता कौन गया, कौन दिल में आया है.
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अभी उसकी आखों में रहते हैं, कल उसके दिल में मिलेंगे।
अभी उसकी आखों में रहते हैं, कल उसके दिल में मिलेंगे।
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मेरी तरह तुम्हारे लिए फूलों के बगीचे लगाता है क्या वो कोई?
मेरी तरह तुम्हारे लिए फूलों के बगीचे लगाता है क्या वो कोई?
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मैं रुक गया हूं, वक्त चल रहा है
मैं रुक गया हूं, वक्त चल रहा है
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कमरे से पुरानी तस्वीर हटाई जाए
कमरे से पुरानी तस्वीर हटाई जाए
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नई नई मोहब्बत है, तुम्हें तो मेरी बाहों में होना चहिए
नई नई मोहब्बत है, तुम्हें तो मेरी बाहों में होना चहिए
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हर रोज मैं तेरे शहर की तरफ कबूतर उड़ाता हूं।
हर रोज मैं तेरे शहर की तरफ कबूतर उड़ाता हूं।
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उस बूंद से चलो हम मोतियां बनाते हैं।
उस बूंद से चलो हम मोतियां बनाते हैं।
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उनका किस्सा भी अपने किस्से जैसा है.
उनका किस्सा भी अपने किस्से जैसा है.
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मैं हिज़्र की रात में उसकी याद चाहता हूं
मैं हिज़्र की रात में उसकी याद चाहता हूं
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अब एक जिस्म को कई बदन संवारते देखा है.
अब एक जिस्म को कई बदन संवारते देखा है.
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तुम सच में आए हो या दिवाली आयी है
तुम सच में आए हो या दिवाली आयी है
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ये गुलाब फिर क्यों लिए जा रहे हैं हम
ये गुलाब फिर क्यों लिए जा रहे हैं हम
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लिख ना पाए तुम्हारा नाम कागज पे हम
लिख ना पाए तुम्हारा नाम कागज पे हम
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