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दण्डी स्वामी सदाशिव ब्रह्मेन्द्रानन्द सरस्वती — 510 episodes · page 5 of 6
E 109. योग-वेदान्त - स्वप्न क्या है? भाग 3- जाग्रत स्वप्न और सुषुप्ति का विश्लेषण - माण्डूक्य मत ।
Episode 108. पातञ्जल योग- स्वप्न क्या है? (भाग 2)- वेदान्तदृष्टि।
E 107. स्वप्न क्या है(भाग 1)- पातञ्जल योग और वेदान्तमें स्वप्न की स्थिति।
Episode 106. पातञ्जल योग, सूत्र 1.11. स्मृति की परिभाषा-
E 105. योगशास्त्रकी निद्रा और वेदान्त (माण्डूक्य उपनिषद)की सुषुप्ति का तुलनात्मक विश्लेषण।
E 104. पातञ्जल योग, सूत्र 10. निद्राकी परिभाषा (भाग 2)
E103. योगसूत्र 1.10 और 11. निद्रा क्या है?तथा स्मृति क्या है? प्रमाण विपर्यय और विकल्प की समीक्षा।
E 102. पातञ्जल योग, सूत्र 1.9 - विकल्प की परिभाषा। विपर्यय और विकल्पमें अन्तर।
Episode 101. पातञ्जल योग, सूत्र 1.8. विपर्यय की परिभाषा
E 100. पातञ्जल योग, सूत्र 1.7. प्रमाण- प्रत्यक्षानुमानागमाः प्रमाणानि।
E 99. पातञजल योग, सूत्र 5 और 6 - विशेष टिप्पणी- बुद्धि क्या है ?
E 98. पातञ्जल योग, सूत्र 1.5. चित्तवृत्तियों के पाँच प्रकार
Episode 97. पातञ्जल योग, सूत्र 1.4- वृत्तिसारूप्यमितरत्र।
Episode 96. पातञ्जल योगसूत्र 1.3 - योग का फल
Episode 95. पातञ्जल योगसूत्र 1.2. योग की परिभाषा (भाग 3)
Episode 94. योगकी परिभाषा (भाग 2)
Episode 93. पातञ्जल योगसूत्र 1.2 योगकी परिभाषा (भाग 1)
मानस, बालकाण्ड, 35.6-7, 36.1-2 ग्रन्थका नामकरण
एपिसोड 92. योगशास्त्र एवं षड्दर्शन।
एपिसोड 91. पातञ्जल योगसूत्र। सम्बन्ध चतुष्टय। प्रथम सूत्र में अनुशासन शब्द का अर्थ।
एपिसोड 90. पातञ्जल योगदर्शन, सूत्र 1.1. ग्रंथरचनाकी प्रतिज्ञा एवं मङ्गलाचरण।
एपिसोड 89. मानस, बाल, 34 एवं 35.1-5 रचना का शुभारम्भ
एपिसोड 88. योगशास्त्र- विषय प्रवेश भाग 2
एपिसोड 87. श्रीरामचरित मानस, बालकाण्ड, 33
एपिसोड 86. पातञ्जल योगसूत्र - विषयप्रवेश
मानस, बालकाण्ड,32.1-5 रामचरित्र का माहात्म्य
मानस, बालकाण्ड। 31.4-7- रामकथाकी सोलह कलायें
मानस, बालकाण्ड, 30.1-3 रामचरित मानसकी रचनाका उद्देश्य
मानस, बालकाण्ड, 30
मानस, बालकाण्ड, 29
मानस, बालकाण्ड, 28
मानस, बालकाण्ड,27
श्रीरामचरित मानस, बालकाण्ड, 26
मानस, बालकाण्ड। 25
योगवासिष्ठ ३.८ ग्रंथ की सर्वश्रेष्ठता
योगवासिष्ठ ३.९.१-११, तथा भगवद्गीता १०.९-१० एवं १८.१७
मानस, बालकाण्ड २४- रामावतार से बडा़ है नामावतार
मानस, २२-२३
मानस, बालकाण्ड,२०-२१
मानस, बालकाण्ड, 20.2-3
योगवासिष्ठ, 3.7- परमात्माका स्थान एवं स्वरूप
मानस 19.4 एवं 20.1-2
योगवासिष्ठ, 3.5-6 मन की उत्पत्ति
मानस,19.3 रामनामका प्रभाव
योगवासिष्ठ, 3.4 मनका स्वरूप, भाग 1
मानस, बालकाण्ड,19..2एवं श्रीरामोत्तरतापिन्युपनिषत्
योगवासिष्ठ, 3.2भाग2 एवं 3.3
मानस। बालकाण्ड, 19.1, 2, रामोत्तरतापिन्युपनिषद् - प्रणव और राम शब्दकी व्याख्या
योगवासिष्ठ, 3.2 भाग 1
मानस, बालकाण्ड. 19.1
योगवासिष्ठ, 3.1 भाग 2.
मानस, बालकाण्ड, 16 तथा गायत्री मंत्र और देवीभागवतका प्रथम श्लोक।
योगवासिष्ठ, उत्पत्तिप्रकरण 3.3-12 - उत्पत्तिप्रकरण का औचित्य। आत्माकी परिभाषा।
मानस, बालकण्ड, 16- 17। अवधपुरी एवं दशरथ इत्यादिकी वन्दना
योगवासिष्ठ,2.18-20 मुमुक्षुव्यवहार प्रकरणका उपसंहार
योगवासिष्ठ 2.17-18 ग्रन्थकी श्लोकसंख्या 32000. इसकी बडी़ विशेषता यह है कि यह युक्तियों से भरा है।
मानस, बालकाण्ड, 14(च) से 15.1-3
योगवासिष्ठ 2.16- मोक्षका चौथा द्वारपाल सत्संग
श्रीरामचरित मानस, बालकाण्ड, 14.4 से 14(ङ)।
योगवासिष्ठ 2.15, मनुस्मृति 4.12 एवं श्रीमद्भगवद्गीता 12.13-19 मोक्षका तीसरा द्वारपाल- संतोष।
मानस, बालकाण्ड, 13.2-5 एवं 14.1-3.
चर्पट पञ्जरिका स्तोत्रम् 12, योगवासिष्ठ, 2.14. मोक्षका दूसरा द्वारपाल- विचार।
मानस, बाल. 12 एवं 13.1
योगवासिष्ठ 2.13, अपरोक्षानुभूतिः 6, तत्वबोधः 7- शम और उसका प्रभाव। शमशील के लक्षण क्या हैंं ?
श्रीरामचरित मानस, बालकाण्ड, 11.1-5
योगवासिष्ठ 2.11 श्रोता और वक्ता के लक्षण, योगवासिष्ठका उपदेश राजविद्या है।
श्रीरामचरितमानस, बाल 9.2 - 10क
देवीभागवत+भगवद्गीता। गहना कर्मणो गतिः। कर्मफल भोगना ही पड़ता है।उसका निवारण भगवान् भी नहीं कर सकते।
देवीभागवत,4.1। श्रीकृष्ण और पाण्डवोंके प्रारब्ध और कर्म के सम्बन्धमें जनमेजय के रोचक प्रश्न।
देवीभागवत, 3.9-11। तीनों गुणोंके मिश्रणका वर्णन।भगवतीके बीजमंत्र ऐं का बिन्दुरहित उच्चारण का चमत्कार
देवीभागवत 3.8। सत्वगुण रजोगुण और तमोगुण का विवेचन।
देवीभागवत 3.7। निर्गुण तत्वनिरूपण। महाभूतोंके गुण।
देवीभागवत 3.4-6। ब्रह्मा विष्णु महेशको देवीने स्त्री बना दिया।ब्रह्माके सौ वर्षतक तीनोंस्त्री बनेरहे
देवीभागवत 3.3। विभिन्न ब्रह्माण्डोंके विभिन्न ब्रह्मा विष्णु महेश।
देवीभागवत 3.1-2। जनमेजय के प्रश्न व्यासजीसे,व्यासके प्रश्न नारदजीसे,नारदके प्रश्न ब्रह्माजीसे।
देवीभागवत 1.17,18,19। शुकदेवजीको जनक से उपदेश एवं शुकदेवजी का विवाह एवं सन्तानें।
देवीभागवत, 1.10,14,15। व्यासजी की तपस्या, शुकदेव की उत्पत्ति, व्यास-शुकदेव संवाद
देवीभागवत। शक्तितत्व निरूपण।
देवीभागवत 1.6। श्रवणके प्रकार , साहित्य के प्रकार । मधु कैटभ की उत्पत्ति।
देवीभागवत 1.4 । विष्णुभी भगवती की ही उपासना करते हैं।
देवीभागवत। त्रिपुरसुन्दरीका अर्थ।
देवीभागवत की भूमिका
देवीभागवत। पुराणों के लक्षण और नाम।विरोधाभास का निराकरण।
देवीभागवत माहात्म्य २. स्यमन्तक मणि प्रकरण
श्रीमणिरत्नमाला (प्रश्नोत्तरी) श्लोक ९-११, प्रश्न संख्या २९-३७
देवीचर्चा। श्रीमद्देवीभागवत। सौन्दर्य लहरी।
श्रीमणिरत्नमाला (प्रश्नोत्तरी) 7
योगवासिष्ठ 2.10. सर्वज्ञ वसिष्ठकी उत्पत्ति और ब्रह्माजी द्वारा उपदेश।
मानस, बाल 9.1-2। खल परिहास होइ हित मोरा।
श्रीमणिरत्नमाला 6
योगवासिष्ठ, 2.9 शुभवासनाओं का आश्रय लेकर अशुभ वासनाओं पर विजय प्राप्त करें।
श्री मणिरत्नमाला भाग 5 श्लोक 4-5
मानस, मंगलाचरण, बाल. 8
योगवासिष्ठ, 2.8 । भाग्य केवल भ्रम है। इस भ्रमका अधिष्ठान पुरुषार्थ है।
मानस, बाल, दो. 7-7क और चौ 8.1
श्रीमणिरत्नमाला (प्रश्नोत्तरीत) भाग 4(श्लोक 3)
योगवासिष्ठ,2.7. भाग्य और पुरुषार्थ भाग 5
मानस, बाल. 7-1 से 6। सत्संग और कुसंग का प्रभाव।
धर्म और तर्क।
श्रीमणिरत्नमाला (प्रश्नोत्तरी) 3। प्रश्न 1-4।