PODCAST · religion
SUSHUMNA VANI HINDI (सुषुम्ना वाणी)
by DIVYA BABAJI SUSHUMNA KRIYA YOGA FOUNDATION
सुषुम्ना वाणी के हिंदी प्रकाशन में आपका स्वागत है! .... श्री श्री आत्मानंदमयी माताजी द्वारा विश्व को दिए गए सुषुम्ना क्रिया ध्यान के ज्ञान को हिंदी भाषी साधकों में फैलाने के लिए ये एक पॉडकास्ट श्रृंखला है।हमारी गुरु माँ हमें बार-बार कहती हैं - हमें दिन की शुरुआत ध्यान से करनी चाहिए लेकिन इसे आत्मनिरीक्षण से ख़त्म करना चाहिए। और ध्यान और आत्मनिरीक्षण के बीच हम अपना जीवन कैसे जीते हैं, यह हमारे आध्यात्मिक विकास की गति और पथ को तय करता है। यह पॉडकास्ट श्रृंखला सुषुम्ना क्रिया योग में हमारे प्रयासों को सशक्त बनाने के लिए जीवन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेगी।
Episodes
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EPISODE 129: दीया जलाने का महत्व
इस एपिसोड में जानिए कैसे दीया जलाना अंधकार से प्रकाश, अज्ञान से ज्ञान और अहंकार से आत्मज्योति की यात्रा का प्रतीक बनता है। अगर आपके कोई सवाल, सुझाव या टिप्पणियाँ हैं, तो कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 128: घंटी का महत्व
इस एपिसोड में जानिए कैसे मंदिर की घंटी की ध्वनि और उसका प्रतीकात्मक अर्थ मन को बाहरी कोलाहल से हटाकर आंतरिक मौन की ओर ले जाता है। अगर आपके कोई सवाल, सुझाव या टिप्पणियाँ हैं, तो कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 127: श्वास-चिंता की औषधि
चिंता के क्षणों में हमारी साँस तेज़ और उथली हो जाती है। ऐसे समय में योग मुद्रा धारण करके लंबी और सहज साँसें लेना शरीर तथा मन को शांत करने में सहायक हो सकता है। इस एपिसोड में साँस, मुद्रा और चिंता के बीच संबंध को आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक दृष्टि से समझाया गया है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या…
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EPISODE 126: राष्ट्रीय मनोविज्ञान दिवस
इस एपिसोड में भारत में गुरु पूर्णिमा को 'राष्ट्रीय मनोविज्ञान दिवस' के रूप में घोषित करने की प्रासंगिकता पर चर्चा की गई है। अगर आपके कोई सवाल, सुझाव या टिप्पणियाँ हैं, तो कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 125: डिटॉक्स 2026
यह एपिसोड डिटॉक्स 2026 (Detox 2026) कार्यक्रम के सभी निर्देशों को समाहित करता है और उन सभी प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयास करता है जो साधकों के मन में हो सकते हैं।यदि आपके पास कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणी हो, तो कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 124: निदिध्यासन
यह एपिसोड निदिध्यासन की प्रक्रिया को समझाता है — वह अवस्था जहाँ श्रवण और मनन से प्राप्त ज्ञान केवल समझ तक सीमित नहीं रहता, बल्कि हमारे विचारों, व्यवहार और जीवन का स्वाभाविक हिस्सा बन जाता है। यह बताता है कि वास्तविक परिवर्तन तब होता है जब ज्ञान को हम जीना शुरू करते हैं। अपने प्रश्नों, सुझावों…
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EPISODE 123: मनन
यह एपिसोड मनन पर आधारित है — श्रवण के बाद ज्ञान को चिंतन और विवेक के माध्यम से भीतर आत्मसात करने की प्रक्रिया पर चर्चा करता है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणी हों, तो कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 122: श्रवण
श्रवण पर यह हिंदी पॉडकास्ट सुनने को केवल कानों की क्रिया नहीं, बल्कि ध्यान, विनम्रता और भीतर जगह बनाने की साधना के रूप में समझाता है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणी हों, तो कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 121: श्रवण, मनन और निदिध्यासन
इस एपिसोड में हम समझते हैं कि ज्ञान पहले श्रवण से भीतर आता है, फिर मनन से पचता है, और निदिध्यासन के माध्यम से जीवन और व्यवहार का हिस्सा बन जाता है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणी हों, तो कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 120: गांधारी का आशीर्वाद
गांधारी के आशीर्वाद में वह ज्ञान समाया है, जो हर उस माँ के लिए एक सौम्य मार्गदर्शक बनता है जो धर्म के साथ पालन करना चाहती है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणी हों, तो कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 119: तुलना का जाल
एक सरल संवाद—तुलना की आदत कैसे हमें वर्तमान से दूर ले जाकर जीवन की खुशी छीन लेती है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणी हों, तो कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 118: कल्पवृक्ष
एक कथा के माध्यम से—हमारे विचार ही हमारी वास्तविकता बनाते हैं, इसलिए सजग रहना आवश्यक है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणी हों, तो कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 117: जीवंत जल
पानी को एक जीवंत चेतना के रूप में समझने का संवाद—जो हमारे भाव, शब्द और ऊर्जा को ग्रहण करता है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणी हों, तो कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 116: शुभस्य शीघ्रम्
'शुभस्य शीघ्रम्' एक अक्सर दोहराई जाने वाली कहावत है, जिसका अर्थ है—जो कार्य शुभ हो, उसे करने में विलंब नहीं करना चाहिए। इस एपिसोड में रामायण की एक लोकप्रिय कथा के माध्यम से इसी विषय पर चर्चा की गई है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणी हों, तो कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 115: शनिवार हनुमान
हनुमान जयंती के पावन अवसर पर यह एपिसोड हनुमान जी की शनिवार को होने वाली विशेष पूजा के पीछे की कथा पर चर्चा करती है । यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणी हों, तो कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 114: दान
इस एपिसोड में इंटरनेशनल विमेंस डे के "कॉल टू एक्शन" 'देने के लिए कुछ पाने के लिए' पर चर्चा की गई है और 'दान' के आध्यात्मिक पहलू को भी देखा गया है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणी हों, तो कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 113: होली का उत्सव
होली के उत्सव के पीछे छिपे आध्यात्मिक, ऋतु-संबंधी और आयुर्वेदिक ज्ञान पर आधारित एक चिंतनपूर्ण संवाद यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणी हों, तो कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 112: गुरु माता के ग्रंथ में - जीवन जीने का सूत्र
इस एपिसोड में जीवन जीने के लिए स्वधर्म और अभ्यास वैराग्य के सूत्र पर चर्चा की गई है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणी हों, तो कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 111: शिवरात्रि का प्रसाद - गुरुमाँ रचित ग्रंथ
यह एपिसोड शिवरात्रि 2026 के पावन अवसर पर गुरुमाँ द्वारा अनावृत ग्रंथ “भोग सिद्धर और महावतार बाबाजी का सुषुम्ना क्रिया योग” पर आधारित है, जिसमें निहित ज्ञान, अनुभवों और आध्यात्मिक रहस्यों पर मनन किया गया है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें लिखें –...
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EPISODE 110: त्रिकर्ण शुद्धि
इस एपिसोड में बताया गया है कि हम अपने त्रिकर्ण में सत्य का अभ्यास करके अपने जीवन में खुद को कैसे शुद्ध कर सकते हैं। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें लिखें – [email protected]
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EPISODE 109: शुद्धिकरण
इस एपिसोड में इस बात पर चर्चा की गई है कि महाशिवरात्रि की तैयारी के दौरान हम अपने दैनिक जीवन में स्वयं को कैसे शुद्ध कर सकते हैं।यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें लिखें – [email protected]
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EPISODE 108: विभूति
यह प्रकरण विभूति के महात्म्य पर चर्चा करता है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें लिखें – [email protected]
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EPISODE 107: भस्म तत्त्व
यह एपिसोड शिव द्वारा भस्म धारण करने के गूढ़ अर्थ को समझाता है और बताता है कि भस्म कैसे वैराग्य, नश्वरता और आंतरिक शुद्धता का प्रतीक है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें लिखें – [email protected]
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EPISODE 106: मकर संक्रांति
इस एपिसोड में मकर संक्रांति मनाने के तरीकों और इसके आध्यात्मिक महत्व पर चर्चा की गई है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें लिखें – [email protected]
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EPISODE 105: स्वामी विवेकानंद का आह्वान
स्वामी विवेकानंद की जयंती पर राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर, यह एपिसोड उनके बहुचर्चित आह्वान "उत्तिष्ठत जाग्रत” को सरल भाषा और जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से समझाता है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें लिखें – [email protected]
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EPISODE 104: नया साल - संकल्प से अभ्यास तक
यह एपिसोड इस बात पर चर्चा करता है कि संकल्प अक्सर क्यों असफल हो जाते हैं और जीवन में स्थायी बदलाव के लिए अभ्यास-आधारित लक्ष्य कैसे मदद करते हैं। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें लिखें – [email protected]
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EPISODE 103: क्रिसमस
इस एपिसोड में क्रिसमस और बाइबिल के एक छोटे से श्लोक पर चर्चा की गई है, जैसा कि श्री युक्तेश्वर गिरि के कैवल्य दर्शन में समझाया गया है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें लिखें – [email protected]
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EPISODE 102: भगवदगीता में वर्णित पतन की सीढ़ी
इस एपिसोड में भगवद गीता के दूसरे अध्याय में बताए गए पतन की सीढ़ी पर चर्चा की गई है, जो दो श्लोक 2.61 और 2.62 में वर्णित है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें लिखें – [email protected]
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EPISODE 101: भगवद गीता के पाठ
यह एपिसोड भगवद गीता के श्लोक 6.5 पर चर्चा करता है, जिसमें भगवान कृष्ण कहते हैं कि हम अपने मित्र या शत्रु स्वयं हो सकते हैं और सुषुम्ना क्रिया योगियों के लिए इसका क्या अर्थ है यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें लिखें – [email protected]
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EPISODE 100: गीता जयंती
इस एपिसोड में गीता जयंती के उत्सव और श्रीमद्भगवद्गीता के महात्म्य पर चर्चा की गई है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें लिखें – [email protected]
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EPISODE 99: भगवान दत्तात्रेय के गुरु
यह प्रकरण भगवान दत्तात्रेय के पाँच गुरुओं के विषय में चर्चा करता है — यह हमें हमेशा अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखने की एक शक्तिशाली याद दिलाता है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें लिखें – [email protected]
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EPISODE 98: वायु गुरु के रूप में
यह एपिसोड बताता है कि गुरु दत्तात्रेय ने वायु को अपना गुरु क्यों माना — और उसकी स्वतंत्रता तथा आसक्ति-रहित रहने की क्षमता से हम अपने जीवन को कैसे प्रेरित कर सकते हैं। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें लिखें – [email protected]
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EPISODE 97: पृथ्वी गुरु के रूप में
यह एपिसोड बताता है कि गुरु दत्तात्रेय ने पृथ्वी (प्रकृति) को अपना गुरु क्यों माना — और हम उसके गुणों से क्या सीख सकते हैं तथा उन्हें अपने जीवन में कैसे अपनाएँ। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें लिखें – [email protected]
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EPISODE 96: गुरु दत्तात्रेय
इस एपिसोड में श्रोता गुरु दत्तात्रेय और उनके 24 गुरुओं से परिचित होंगे। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें लिखें – [email protected]
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EPISODE 95: दीवाली पर लक्ष्मी गणेश की पूजा
इस एपिसोड में दिवाली पर पूजा की विभिन्न विधियों पर चर्चा की गई है और गणेश-लक्ष्मी की एक साथ पूजा करने के महत्व पर भी चर्चा की गई है। आपके किसी भी प्रश्न, सुझाव या टिप्पणी के लिए, कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 94: ऋणानुबंध: कर्म के अदृश्य बंधन
इस एपिसोड में जानें कि कर्म ऋण हमारे रिश्तों, आकर्षणों और जीवन के स्वरूप को कैसे आकार देते हैं — और जागरूकता कैसे इन अदृश्य बंधनों को बदलने में हमारी मदद कर सकती है। आपके किसी भी प्रश्न, सुझाव या टिप्पणी के लिए, कृपया [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 93: मनुष्य ऋण
यह एपिसोड मानव ऋण अर्थात समाज और परिवार के प्रति कर्तव्यों के ऋण और सेवा भाव से उसे निभाने की प्रक्रिया पर चर्चा करता है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या विचार हों, तो कृपया हमें इस पते पर लिखें: [email protected]
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EPISODE 92: भूत ऋण
यह एपिसोड भूत ऋण अर्थात प्राणिमात्र और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता के ऋण और करुणा से उसे संतुलित करने के महत्व पर चर्चा करता है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या विचार हों, तो कृपया हमें इस पते पर लिखें: [email protected]
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EPISODE 91: नवरात्रि
यह एपिसोड चर्चा करता है कि नौ संख्या और "रात्रि" का क्या महत्व है और साधक की यात्रा में इन नौ रातों का क्या उद्देश्य है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या विचार हों, तो कृपया हमें इस पते पर लिखें: [email protected]
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EPISODE 90: देव ऋण
यह एपिसोड देव ऋण अर्थात देवताओं और प्रकृति से जुड़े ऋण तथा उपासना और संरक्षण से उसे संतुलित करने के मार्ग पर चर्चा करता है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या विचार हों, तो कृपया हमें इस पते पर लिखें: [email protected]
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EPISODE 89: ऋषि ऋण
यह एपिसोड ऋषि ऋण अर्थात गुरुओं और ऋषियों से प्राप्त ज्ञान के ऋण और उसे साधना व अध्ययन से निभाने के उपायों पर चर्चा करता है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या विचार हों, तो कृपया हमें इस पते पर लिखें: [email protected]
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EPISODE 88: पंच ऋण
यह एपिसोड पंच ऋण, यानी पाँच प्रकार के ऋणों की अवधारणा पर चर्चा करता है, जिन्हें हम सभी अपने जीवन में वहन करते हैं। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या विचार हों, तो कृपया हमें इस पते पर लिखें: [email protected]
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EPISODE 87: पितृ पक्ष & पितृ ऋण
यह एपिसोड पितृ ऋण अर्थात हमारे पूर्वजों से जुड़े ऋण और उन्हें स्मरण तथा कृतज्ञता से चुकाने के महत्व पर चर्चा करता है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या विचार हों, तो कृपया हमें इस पते पर लिखें: [email protected]
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EPISODE 86: गणपति का श्रवण संदेश
गणेश जी के बड़े कान हमें यह सिखाते हैं कि केवल सुनना ही नहीं, बल्कि ध्यानपूर्वक, धैर्यपूर्वक और बिना निर्णय किए सुनना जीवन की आधी समस्याओं का समाधान है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या विचार हों, तो कृपया हमें इस पते पर लिखें: [email protected]
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EPISODE 85: स्वतंत्रता
क्या हम स्वतंत्र हैं? इसी विषय पर चर्चा की गयी है इस एपिसोड मे। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या विचार हों, तो कृपया हमें इस पते पर लिखें: [email protected]
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EPISODE 84: जन्माष्टमी का आध्यात्मिक महत्व
इस एपिसोड में श्रीकृष्ण के जन्म की कथा को साझा किया गया है, जो सभी सुषुम्ना क्रिया योग साधकों के लिए अत्यंत गहरा आध्यात्मिक अर्थ रखती है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या विचार हों, तो कृपया हमें इस पते पर लिखें: [email protected]
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EPISODE 83: गोस्वामी तुलसीदास
यह एपिसोड गोस्वामी तुलसीदास और उनके जीवन की एक विशेष घटना पर आधारित है, जो उनकी आध्यात्मिक यात्रा में एक निर्णायक मोड़ साबित हुई। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या विचार हों, तो कृपया हमें इस पते पर लिखें: [email protected]
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EPISODE 82: शरीरत्रयम् - कारण शरीर
इस एपिसोड में हम कारण शरीर की रहस्यमयी परतों की गहराई में उतरते हैं। जानिए कारण शरीर क्या है, इसमें क्या छिपा होता है, और यह हमारे जीवन, ध्यान और आत्मिक यात्रा को कैसे प्रभावित करता है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 81: शरीरत्रयम् - सूक्ष्म शरीर
इस एपिसोड में हमने सूक्ष्म शरीर के प्रमुख अंगों पर चर्चा की—और जाना कि ये कैसे हमारे विचार, भावनाएँ और पहचान का निर्माण करते हैं। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें [email protected] पर लिखें।
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EPISODE 80: शरीरत्रयम् - स्थूल शरीर
इस एपिसोड में शरीर के तीन स्तरों की चर्चा की गई है और विशेष रूप से स्थूल शरीर को समझा गया है। यदि आपके कोई प्रश्न, सुझाव या टिप्पणियाँ हों, तो कृपया हमें [email protected] पर लिखें।
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सुषुम्ना वाणी के हिंदी प्रकाशन में आपका स्वागत है! .... श्री श्री आत्मानंदमयी माताजी द्वारा विश्व को दिए गए सुषुम्ना क्रिया ध्यान के ज्ञान को हिंदी भाषी साधकों में फैलाने के लिए ये एक पॉडकास्ट श्रृंखला है।हमारी गुरु माँ हमें बार-बार कहती हैं - हमें दिन की शुरुआत ध्यान से करनी चाहिए लेकिन इसे आत्मनिरीक्षण से ख़त्म करना चाहिए। और ध्यान और आत्मनिरीक्षण के बीच हम अपना जीवन कैसे जीते हैं, यह हमारे आध्यात्मिक विकास की गति और पथ को तय करता है। यह पॉडकास्ट श्रृंखला सुषुम्ना क्रिया योग में हमारे प्रयासों को सशक्त बनाने के लिए जीवन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेगी।
HOSTED BY
DIVYA BABAJI SUSHUMNA KRIYA YOGA FOUNDATION
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