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मार्ग सत्य जीवन | Marg Satya Jeevan cover art

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मार्ग सत्य जीवन | Marg Satya Jeevan — 672 episodes · page 4 of 7

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Title
301

यहाँ निन्दित, वहाँ पुरस्कृत/Reviled Here, Rewarded There.

302

सुसमाचार परमेश्वर प्रसन्नचित्त है/Good News: God Is Happy.

303

अन्तिम घड़ी की सफलताएँ/Eleventh-hour Breakthroughs

304

पुनरुत्थान पर आश्चर्यचकित होना/Amazed at the Resurrection.

305

ऐसी ठण्ड जो घात करती है/The Kind of Cold That Kills

306

जब आप अमर होंगे/When You Are Immortal.

307

परमेश्वर की मधुर योजनाएँ/The Sweet Designs of God.

308

वह सिद्ध नगर/The Perfect City.

309

पापी इच्छा का कैसे विरोध करें/How to Defy Sinful Desire.

310

क्षमा का प्रक्रिया-चक्र/The Forgiveness Cycle.

311

कलवरी के लिए प्रत्येक पग प्रेम से भरा हुआ था/Every Calvary Step Was Love.

312

ख्रीष्ट (हमारे) साधन और लक्ष्य के रूप में/Christ as Means and End.

313

यीशु मरा ताकि हम परमेश्वर का निवास स्थान बन सकें/Jesus died so that we could be God's dwelling place.

314

पाँच रीतियों से क्लेश हमारी सहायता करता है/Five Ways Affliction Helps.

315

आप परमेश्वर को कितनी अच्छी रीति से जानते हैं/How Well Do You Know God?

316

वाचा में जोड़े गए/Included in the Covenant.

317

हम विश्वास से जीवित हैं/We Live by Faith.

318

प्रबल अनुग्रह/Prevailing Grace

319

सर्वश्रेष्ठ प्रेम/The Greatest Love

320

विलम्बित छुटकारे/Delayed Deliverances.

321

देने वाला महिमा प्राप्त करता है/The Giver Gets the Glory

322

फेर लाए गए/Caused to Return

323

दूसरों की सेवा करने में हमारी सेवा होती है/Served in Serving Others

324

वह आपकी आवश्यकता को जानता है/He Knows Your Need

325

हम सब कुछ पर राज्य करेंगे/We Will Rule All Things

326

Exodus 35:1-40:38 दयालु परमेश्वर अपने लोगों के मध्य में अपनी महिमा के साथ वास करता है।

327

क्या हम अपने पापों के प्रति व्याकुल होते हैं/Wre We Deeply Disturbed About Our Sins?

328

क्या शैतान सच्चे ख्रीष्टियों को फाड़ खा सकता है।

329

‘ बुलाए हुए ’ और ‘ चुने हुए ’ के मध्य में अन्तर क्या है?

330

सीधे परमेश्वर के पास जाएँ

331

आनन्द का लंगर

332

स्मरण दिलाने हेतु संघर्ष

333

वायु के लिए बातें

334

पवित्रता में बढ़ने हेतु वास्तविक युद्ध

335

दयालु परमेश्वर अपने लोगों से अपनी दया और करुणा के कारण वाचा का नवीनीकरण करता है।

336

Exodus 32:1-35 दयालु परमेश्वर अपने लोगों के विद्रोह के पश्चात भी उन पर कृपा करता है।

337

क्या आप यीशु ख्रीष्ट से मिलने के लिए उत्साहित हैं/Are You Excited To Meet Jesus Christ?

338

Exodus 27:20-31:18 दयालु परमेश्वर अपने लोगों को अपनी आराधना के विषय में निर्देश देता है।

339

Exodus 25:1-27:19 दयालु परमेश्वर अपने लोगों के मध्य में वास करने के विषय में उनको निर्देश देता है।

340

परमेश्वर कभी बदलता नहीं है/God Never Changes.

341

हम अपने बच्चों को दुख उठाने के लिए कैसे तैयार करें/How Do We Prepare Our Children for Suffering?

342

Exodus 20:18-24:18 आराधना के लिए छुटकारा/Redemption For Worship

343

मसीही लोग स्व-केन्द्रित जीवन नहीं जीते हैं/Christians Do Not Live Self-Centred Lives.

344

Exodus 20:17 दसवीं आज्ञा - तू अपने पड़ोसी के घर का लालच न करना

345

हम परमेश्वर को क्या दे सकते हैं?/What Can We Give God?

346

Exodus 20:16 नौंवी आज्ञा - तू अपने पड़ोसी के विरुद्ध झूठी साक्षी न देना

347

यीशु चोरी करने वाले को भी क्षमा करता है/Jesus Forgives Even The One Who Steals.

348

Psalm 51:1-19 True Repentance/सच्चा पश्चात्ताप

349

जीवन के अन्त में, आप क्या चाहते हैंं: जीवन या मृत्यु?/At The End Of This Life, What Do You Want:

350

Exodus 20:15 आठवीं आज्ञा - तू चोरी न करना

351

पुराने नियम के कौन सी प्रतिज्ञाएँ मुझ पर लागू होती हैं/Which Old-Testament Promises Apply to Me?

352

प्रेमी परमेश्वर स्वयं को दीनों पर प्रकट करता है/The Loving God Reveals Himself To The Humble.

353

Psalm 50:1-23 God Wants Thankful Worshippers/परमेश्वर धन्यवादी आराधक चाहता है।

354

सावधान रहो! यीशु न्याय करेगा/Be Warned! Jesus Will Judge.

355

अपने वचन के अनुसार यीशु जी उठा है/Jesus Has Risen According To His Word

356

Matthew 28:1-20 पुनरुत्थान सुसमाचार प्रचार की मांग करता है।

357

Exodus 20:14 सातवी आज्ञा - तू व्यभिचार न करना

358

प्रभु ने स्वयं हमें बचाया है/The Lord Himself Has Saved Us

359

क्या परमेश्वर अपने शत्रुओं से प्रेम करता है/Does God Love His Enemies?

360

Exodus 20:13 छठी आज्ञा - तू हत्या न करना

361

क्या आप यहोवा का नाम व्यर्थ में लेते हैं/Do You Take The LORD's Name In Vain?

362

Exodus 20:12 पांचवी आज्ञा - “तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना”

363

अपना आनन्द किन चीज़ों में ढूँढते हो?/In What Things Do You Seek Your Joy.

364

उद्धार का सुसमाचार सब लोगों के लिए है/The Gospel Of Salvation Is For All People

365

Exodus 20:8-11 चौथी आज्ञा - तू विश्राम दिन को पवित्र मानना।

366

परमेश्वर के सामने अपने आप को बड़ा मत करो/Do Not Exalt Yourself Before God

367

मेरे जीवन को क्या महत्वपूर्ण बनाता है/What Makes My Life Significant?

368

Exodus 20:7 तीसरी आज्ञा - तू अपने परमेश्वर यहोवा का नाम व्यर्थ न लेना/You Shall Not Take The Name Of the Lord Your God in Vain

369

केवल परमेश्वर ही हमारे हृदय को बदल सकता है/Only God Can Change Our Hearts.

370

Psalm 49:1-20 परमेश्वर पर भरोसा रखें, पैसे पर नहीं/Trust God, Not Money

371

धन मनुष्य को मूर्ख बनाता है!/Money Makes Man Foolish!

372

एक दिन सब जान जाएंगे कि मैं यहोवा परमेश्वर हूँ/One Day Everyone Will Know That I Am The LORD God

373

Psalm 48:1-14 परमेश्वर की महानता /Greatness Of God

374

आपकी उदारता की परिभाषा क्या है?/What Is Your Definition Of Generosity?

375

परमेश्वर पर्याप्त है/God Is Enough

376

Psalm 47:1-9 राजा की आराधना करो/Worship The King

377

विश्वासयोग्य परमेश्वर हमारे पापों को क्षमा करता है/The Faithful God Forgives Our Sins

378

Psalm 46:1-11 सामर्थी परमेश्वर हमारा शरणस्थान है/The Mighty God Is Our Refuge

379

बाइबल का परमेश्वर सर्वाधिकारी है/The God Of The Bible Is Sovereign Over All

380

किसके लिए जीएंगे आप?/For Whom Will You Live?

381

Exodus 20:4-6 दस आज्ञाएं/ Ten Commandments

382

जीवन के बाद का जीवन/Life After Life

383

अपने जीवन को व्यर्थ न गँवाने हेतु तीन चरण/Three Steps to Stop Wasting Your Life.

384

केवल यीशु ख्रीष्ट ही के द्वारा मुक्ति मिलेगी/Salvation Will Come Only Through Jesus Christ.

385

जहां तेरा धन है वहां तेरा मन भी लगा रहेगा/Where Your Treasure Is, There Will Your Heart Be Also.

386

क्या आप परमेश्वर के न्याय को समझते हैं?/Do You Understand God's Justice?

387

Exodus 20:1-3 दस आज्ञाएं/Ten Commandments

388

बाइबल का परमेश्वर स्वयं को मनुष्यों पर प्रकट करता है।/The God Of The Bible Reveals Himself To People.

389

मसीही लोग क्लेशों में भी आनन्दित लोग होते हैं/Christians Are Joyful People Even In The Tribulations

390

ख्रीष्टीय विश्वास की विषय वस्तु क्या है?/What Is The Content Of The Christian Faith?

391

Exodus 19:1-25 आराधना के लिए छुटकारा/Redemption For Worship

392

ज्योति से परे एक ज्योति/The Light Beyond the Light.

393

मसीही लोग क्लेशों में भी आनन्दित लोग होते हैं/Christians are Joyful People Even in The Tribulations

394

चुन लो: किस तरह का जीवन जीना चाहते हो?/Choose: What Kind Of Life Do You Want To Live?

395

अपने पापों के लिए परमेश्वर से क्षमा मांगने में देरी मत करिए।/Do Not Delay In Asking God to forgi...

396

Exodus 17:8-18:27 आराधना के लिए छुटकारा/Redemption For Worship

397

यीशु किस बात से आनन्दित होता है/What Makes Jesus Rejoice.

398

आश्चर्यकर्म आपके जीवन को घेरे रहते हैं/Miracles Surround Your Life.

399

Exodus 15:22-17:7 आराधना के लिए छुटकारा/Redemption For Worship

400

_कैसे अपने प्राण से घृणा करें/How to Hate Your Life.