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Gita Acharan — 688 episodes · page 1 of 7

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Title
1

247. सभी कर्म दोषयुक्त हैं

2

246. एक साधे सब सधै

3

245. कर्म ही पूजा है

4

244. वर्गीकरण की विशेषताएँ

5

243. गुण ही विभाजन का कारण हैं

6

242. सभी गुणों से प्रभावित हैं

7

241. सुख की रूपरेखा

8

240. बुद्धि और धृति

9

239. कर्ता और कर्म के तीन प्रकार

10

238. विचार से कर्म तक

11

237. कर्म के मूल कारण

12

236. त्यागी

13

235. नियत कर्म

14

234. आसक्ति का त्याग

15

233. त्याग के चार मार्ग

16

232. शुभ कर्म

17

231. ॐ तत् सत्

18

230. दान के प्रकार

19

229. तप के प्रकार

20

228. यज्ञ के प्रकार

21

227. मन और उदर का संबंध

22

226. गुण और श्रद्धा

23

225. शास्त्र एवं स्वधर्म

24

224. नरक के तीन द्वार

25

223. बुराई का फल बुरा ही होता है

26

222. शक्ति का दर्प सही नहीं

27

221. साधन और साध्य - दोनों शुद्ध हों

28

220. तर्क से परे

29

219. बन्धन से मुक्ति

30

218. अहिंसा

31

216. भय से पार पाना

32

215. खुला रहस्य

33

215. खुला रहस्य

34

214. कैसे और क्यों

35

213. परमात्मा और आत्मा

36

212. पुनर्जन्म के नियम

37

211. जीवन की रूपरेखा

38

210. उनके धाम की कुंजियाँ

39

209. अनासक्ति की कुल्हाड़ी

40

208. जीवन का उल्टा वृक्ष

41

207. एकनिष्ठ भक्ति

42

206. गुणातीत का आचरण

43

205. गुण- दासता से प्रभुत्व तक

44

122. 'అంతా ఆయనే' అనే మంత్రం

45

204. मृत्यु के दो प्रकार

46

121. నమస్కారం యొక్క శక్తి

47

203. गुणों के पहलू

48

202. प्रभावशाली गुण की पहचान

49

201. माता और पिता

50

200. आत्मा शरीर को प्रकाश देती है

51

199. एक जड़ एक मूल

52

119. చైతన్యం, కరుణల పొందిక

53

198. हवा में महल

54

197. व्यक्तित्व पर मार्ग आधारित होता है

55

118. పరివర్తనయే శాశ్వతము

56

196. एकता ही मुक्ति है

57

195. प्रकृति और पुरुष

58

117. నిగ్రహము అనే కళ

59

194. परमात्मा सभी के दिलों में बसते हैं

60

116. ఆధ్యాత్మికతకు సులభమైన మార్గం

61

193. पास होकर भी दूर

62

192. ‘वह’ हैं भी और नहीं भी

63

115. ధ్యాన విధానము

64

114. అతిని విసర్జించాలి

65

191. आध्यात्मिक होना

66

180. साकार या निराकार

67

179. बदलते लक्ष्य

68

178. नफरत ही दुर्गति है

69

177. रिश्तों में शालीनता

70

176. मित्र से परमात्मा तक

71

175. निमित्त-मात्र की विशेषताएं

72

129. ਪ੍ਰਮਾਤਮਾ ‘ਪਾਸਾ’ ਖੇਡਦਾ ਹੈ

73

174. निमित्त-मात्र निष्क्रियता नहीं है

74

128. ਹਰ ਅੰਤ ਇਕ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਹੰੁਦਾ ਹੈ

75

173. अहंकार से निमित्त-मात्र

76

127. ਸਿੱਖਣ ਲਈ ਸੁਣਨਾ ਸਿੱਖੋ

77

172. ईश्वरीय विनाश के बाद सृजन होता है

78

126. ਯੋਗੀ ਸਰਵ-ਸ੍ਰੇਸ਼ਟ ਹੈ

79

261. Shed the Ahankaar

80

171. जब देवता डरते हैं

81

125. ਕਿਸਮਤ ਦੀ ਉਤਪਤੀ

82

170. सभी एक स्थान पर

83

260. Feedback Mechanism

84

259. Tapasya with Devotion

85

124. ਮਿਹਨਤ ਦਾ ਕੋਈ ਸ਼ਾਰਟਕਟ ਨਹੀਂ

86

169. दिव्य दृष्टि

87

258. Sins and Suffering

88

168. हकदारी को त्यागना

89

123. ਸੁੱਖ-ਸੀਮਾ ਤੋਂ ਪਾਰ

90

257. Freedom from Grief

91

122. ‘ਇਹ ਉਹ ਹੀ ਹੈ’, ਦਾ ਮੰਤਰ

92

256. Do as You Wish

93

121. ਨਮਸਤੇ ਦੀ ਤਾਕਤ

94

167. अस्तित्व का बीज

95

110. నిష్కామ భావముతో కర్మలను చేయడం

96

120. ਸਾਰਿਆਂ ਵਿੱਚ ਖੁਦ ਨੂੰ ਤੇ ਖੁਦ ਵਿਚ ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਵੇਖਣਾ

97

166. तुम ‘मैं’ हो

98

109. కర్మఫలాలను త్యజించినవాడే సన్యాసి

99

119. ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਤੇ ਕਰੁਣਾ ਦਾ ਮੇਲ

100

165. अध्यात्म का विज्ञान